सीमा साध्वी ने सुनाई श्रीकृष्ण कृपा की कथा, धर्म और सदाचार का दिया संदेश
संवाददाता: गोविंद देवल
बिल्सी। तहसील क्षेत्र के ग्राम अंबियापुर स्थित प्राचीन शिव मंदिर में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे नजर आए। कथा में मैनपुरी से पधारी कथावाचक सीमा साध्वी ने राजा परीक्षित के जन्म प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।
उन्होंने बताया कि राजा परीक्षित का जन्म भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से हुआ था। महाभारत युद्ध के बाद जब अश्वत्थामा के ब्रह्मास्त्र से अभिमन्यु की पत्नी उत्तरा के गर्भ में पल रहे शिशु का जीवन संकट में पड़ गया, तब श्रीकृष्ण ने स्वयं प्रकट होकर उस शिशु की रक्षा की। यही बालक आगे चलकर राजा परीक्षित के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
इस प्रसंग को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे और पूरे पांडाल में भक्ति का माहौल बन गया। कथा के दौरान सीमा साध्वी ने कहा कि मनुष्य को जीवन में धर्म के मार्ग पर चलते हुए सत्य और सेवा को अपनाना चाहिए, क्योंकि यही जीवन का वास्तविक उद्देश्य है।
इस अवसर पर सुरेश चंद्र शर्मा (फौजी), नीरज शर्मा, रामचंद्र, सुबोध शर्मा, अनुपम शर्मा, ममतेश शर्मा, मुकेश कुमार, उदयवीर सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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