रिसौली में सातवें दिन कथा का रस बरसा, सैकड़ों भक्तों ने उतारी आरती और लिया प्रसाद
रिसौली। संवाददाता: गोविंद देवल
ग्राम रिसौली में मेरे राम कथा आयोजन समिति के तत्वावधान में आयोजित श्री राम कथा के सातवें दिवस पर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा पंडाल में प्रभु श्रीराम के जीवन प्रसंगों का ऐसा रस बरसा कि श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
कथावाचक हरिओम गॉड ने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ ऋषि विश्वामित्र के प्रसंग का मार्मिक वर्णन करते हुए बताया कि कैसे गुरु के आशीर्वाद से दोनों भाइयों के मनोरथ पूर्ण हुए। इसके बाद जनकपुरी में आयोजित धनुष यज्ञ का दृश्य जीवंत हो उठा, जहां भगवान राम ने गुरुदेव की आज्ञा से शिव धनुष को तोड़कर पूरी सभा को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कथा के दौरान माता जानकी द्वारा श्रीराम को जयमाला पहनाने, परशुराम जी के आकस्मिक आगमन और राम-लक्ष्मण संवाद का अत्यंत प्रभावशाली वर्णन किया गया। इसके साथ ही अयोध्या से बारात आगमन, भव्य स्वागत और श्रीराम-सीता विवाह का प्रसंग सुनकर श्रद्धालु झूम उठे।
आगे चलकर अयोध्या वापसी, मंगल उत्सव, विश्वामित्र की विदाई, रामचरित की महिमा, राज्याभिषेक की तैयारियां और देवताओं की व्याकुलता जैसे प्रसंगों का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। सरस्वती द्वारा मंथरा की बुद्धि फेरने और कैकेयी-मंथरा संवाद ने कथा को और भी रोचक बना दिया।
इस अवसर पर यजमान राधेश्याम पाली, पंडित सोनू शर्मा, विपिन कुमार, भानू चौहान, अवधेश माहेश्वरी, योगेश बजाज, अतुल सोलंकी, दुष्यंत सोलंकी, रामशंकर वैद्य, विकास ठाकुर, आशुतोष तोमर, पंकज मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद, पुनेश भारद्वाज, गंगासिंह, कृष्णा गुप्ता सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी भक्तों ने श्रद्धापूर्वक आरती उतारकर प्रसाद ग्रहण किया।
Budaun Amarprabhat