बदायूँ। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की एक आवश्यक बैठक जिलाध्यक्ष एवं टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय सचिव संजीव शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं और मांगों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाध्यक्ष ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र निस्तारण नहीं हुआ, तो संघ कड़ा रुख अपनाएगा।
बैठक में ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारियों ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय से संबंधित कई लंबित मामलों को प्रमुखता से उठाया। जिसमें चयन वेतनमान का एरियर भुगतान अभी भी लंबित है, साथ ही कई विकास क्षेत्रों के चयन वेतनमान अब तक स्वीकृत नहीं किए गए हैं। 29334 गणित/विज्ञान भर्ती के तहत नियुक्त शिक्षकों की पत्रावली बीएसए कार्यालय भेजी जा चुकी है, लेकिन अभी तक वेतन जारी नहीं हुआ है। शिक्षकों को अभी तक फॉर्म-16 उपलब्ध नहीं कराए गए हैं, जिससे वे आईटीआर फाइल करने में असमर्थ हैं। विद्यालयों में गैस सिलेंडर रिफिलिंग और खाद्यान्न की उपलब्धता न होने से मध्यान्ह भोजन योजना के संचालन में भारी कठिनाई हो रही है। कैशलेस चिकित्सा संबंधी आवेदनों की स्वीकृति न मिलने से शिक्षकों की केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है।
जिलाध्यक्ष संजीव शर्मा ने कहा कि समस्त लंबित मांगों के लिए जल्द ही बेसिक शिक्षा अधिकारी से वार्ता की जाएगी। बैठक में प्रान्तीय नेतृत्व के निर्देशों पर चर्चा करते हुए निर्णय लिया गया कि 27 जुलाई 2011 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्यता के विरोध में 20 जुलाई तक सभी सांसदों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। इसके लिए जिला महामंत्री उदयवीर सिंह यादव को सांसद गणों से समय लेने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही, विकास क्षेत्र के पदाधिकारियों को बुधवार तक शिक्षकों की मूल जनपद संबंधी सूची जमा करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक का संचालन उझानी ब्लॉक अध्यक्ष अरविंद दीक्षित ने किया। इस दौरान जिला महामंत्री उदयवीर सिंह यादव, जिला कोषाध्यक्ष सुशील चौधरी, दामोदर सिंह यादव, अनुज शर्मा, शैलेंद्र सिंह राघव, बृजेश यादव, राजेश कुमार, संजय यादव, अशोक यादव, डॉ. पंकज पाठक, डॉ. यतेंद्र शर्मा, मधुकर उपाध्याय, विनेश शर्मा सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat