बदायूँ। मदर एथीना स्कूल में ‘वन महोत्सव’ सप्ताह का समापन अत्यंत रचनात्मक और पर्यावरण के प्रति जागरूकता के संदेश के साथ हुआ। इस अवसर पर ‘पौधे-जीवन का परम स्रोत’ विषय पर एक भव्य प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने अपनी कलात्मक प्रतिभा का अद्भुत प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता को दो श्रेणियों में विभाजित किया गया था, जिसमें बच्चों ने प्रकृति के प्रति अपने लगाव को कला के माध्यम से अभिव्यक्त किया:
क्ले मॉडलिंग प्लेग्रुप से कक्षा-5 के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने रंग-बिरंगी मिट्टी का उपयोग कर गमले, फूल, फल और पेड़-पौधों के आकर्षक मॉडल तैयार किए। खेल-खेल में बच्चों ने यह सीखा कि पेड़-पौधे हमारे जीवन के लिए कितने अपरिहार्य हैं।
कोलाज मेकिंग कक्षा-2 से 8 के वरिष्ठ विद्यार्थियों ने पुरानी पत्रिकाओं, रंगीन कागजों, सूखी पत्तियों और टहनियों का उपयोग कर ‘पौधों के महत्व’ को दर्शाते हुए बेहद संदेशपरक कोलाज बनाए। ये कलाकृतियां स्पष्ट रूप से यह संदेश दे रही थीं कि पेड़-पौधों के बिना धरती पर जीवन की कल्पना असंभव है।
इस सफल आयोजन पर स्कूल की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि बच्चों की यह कला केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति उनका गहरा जुड़ाव है। उन्होंने आगे कहा कि ‘क्ले मॉडलिंग’ ने जहाँ बच्चों के मानसिक व क्रियात्मक कौशल को निखारा है, वहीं ‘कोलाज मेकिंग’ के जरिए उन्होंने पर्यावरण संरक्षण का बड़ा संदेश दिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये नन्हें हाथ आने वाले कल को और अधिक हरा-भरा तथा सुरक्षित बनाएंगे।
Budaun Amarprabhat