बदायूँ। पारिवारिक कलह और आपसी मतभेदों के चलते टूटने की कगार पर पहुंचे दांपत्य रिश्तों को बदायूं पुलिस ने नया जीवन दिया है। बुधवार, 16 सितंबर 2026 को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित ‘परिवार परामर्श केंद्र’ में आयोजित काउंसलिंग सत्र के दौरान पुलिस और प्रबुद्ध काउंसलरों की सूझबूझ से चार परिवारों में सुलह कराई गई। दोनों पक्षों ने मनमुटाव भुलाकर एक साथ रहने का संकल्प लिया, जिस पर उपस्थित अधिकारियों और सदस्यों ने उनके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए उन्हें विदा किया।
रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित इस बैठक में पारिवारिक विवादों से जुड़ी कुल 65 फाइलों पर सुनवाई की गई। इनमें से 42 पत्रावलियों के दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर गहन काउंसलिंग की गई। काउंसलरों ने पति-पत्नी और उनके परिजनों की बातें धैर्यपूर्वक सुनीं और उन्हें वैवाहिक जीवन के महत्व, बच्चों के भविष्य तथा आपसी सामंजस्य के बारे में समझाया।
निरंतर प्रयासों के बाद गंभीर विवादों से जूझ रहे चार जोड़ों ने आपसी सहमति से गिले-शिकवे दूर कर फिर से एक साथ गृहस्थी संभालने का फैसला किया। सुनवाई के दौरान अनुपस्थिति व अन्य विधिक कारणों से 14 फाइलों को निरस्त किया गया। जिन मामलों में अतिरिक्त विचार-विमर्श की आवश्यकता थी, उन्हें सुलह के प्रयास जारी रखने हेतु अगली तिथि दी गई।
इस सराहनीय प्रयास में प्रमुख काउंसलर गिरधारी सिंह राठौर, भीमसेन सागर, ज्वाला प्रसाद गुप्ता, एस.डी. शर्मा और शिव स्वरूप गुप्ता की भूमिका महत्वपूर्ण रही। वहीं, प्रक्रिया को सुचारू बनाने में महिला कांस्टेबल राखी, कांस्टेबल संध्या और कांस्टेबल स्वाति सहित पुलिस टीम ने सक्रिय योगदान दिया।
बदायूं पुलिस का परिवार परामर्श केंद्र लगातार उन परिवारों के लिए आशा की किरण बन रहा है, जहां छोटी-छोटी गलतफहमियां मुकदमों और अलगाव की वजह बन जाती हैं। कोर्ट-कचहरी के चक्कर से बचाकर रिश्तों को सहेजना ही इस केंद्र का प्रमुख लक्ष्य है।
Budaun Amarprabhat