सहसवान/बदायूँ। संवाददाता डॉ. राशिद अली खान
सहसवान के सामाजिक वानिकी क्षेत्र कार्यालय की टीम ने बिल्सी सीमाक्षेत्र से वन्य जीव विसकबरे (Monitor Lizard) की तस्करी करते हुए दो शिकारियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से चार जीवित विसकबरे बरामद किए गए। दोनों आरोपियों को वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट, बदायूं के न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पशु प्रेमी की सूचना पर कार्रवाई
वन क्षेत्रधिकारी अशोक कुमार त्यागी को किसी पशु प्रेमी से सूचना मिली कि कुछ लोग जंगल से विसकबरे पकड़कर तस्करी के लिए ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही उन्होंने बिल्सी बीट प्रभारी शिवम शंखधार को टीम के साथ मौके पर भेजा।
बीट प्रभारी शिवम शंखधार ने टीम के साथ ग्राम बादशाहपुर मंदिर के समीप छिपे दो शिकारियों को पकड़ लिया। उनके पास थैलों में छुपाकर चार जीवित विसकबरे बरामद किए गए।
आरोपियों की पहचान और काजल तस्करी का खुलासा
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम विनोद पुत्र भीलेनाथ, मेड़ता सिटी, जिला नागौर, राजस्थान और महेंद्रनाथ पुत्र छोटे नाथ, खवासपुर, थाना मोसदा, जिला जोधपुर, राजस्थान बताया।
सख्ती से पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे विसकबरे के मुंह में पाई जाने वाली पोटली से काजल तैयार करके बाजार में ऊँचे दामों पर बेचते थे।
कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी
वन क्षेत्रधिकारी अशोक कुमार त्यागी के निर्देश पर, बीट प्रभारी शिवम शंखधार ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9/51, 39/51 और 49बी/51 के तहत मुकदमा (एस-टू-केश) दर्ज किया। न्यायिक मजिस्ट्रेट ने इस गंभीर अपराध को देखते हुए दोनों शिकारियों को जिला जेल भेज दिया।
इस कार्रवाई में बीट प्रभारी शिवम शंखधार के साथ वनविद श्यामवीर, वनरक्षक रामबाबू और पुष्पेंद्र सहित कई वनकर्मी शामिल थे।
यह कार्रवाई वन्य जीव संरक्षण और वन्य प्राणी तस्करी रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
Budaun Amarprabhat