बदायूं। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) संगठन ने जनपद के सरकारी क्रय केंद्रों पर गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एडीएम प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। संगठन का कहना है कि किसानों से सीधे खरीद न कराकर सेंटर इंचार्जों की मिलीभगत से व्यापारियों के यहां से ट्रक भरकर अनाज की खरीद दर्शाई जा रही है। आरोप है कि इस पूरे मामले में डिप्टी आरएमओ बदायूं का भी सहयोग रहा है।
भाकियू टिकैत नेताओं ने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई संज्ञान नहीं लिया गया। आरोप है कि बिना वास्तविक खरीद किए ही सरकारी क्रय केंद्रों पर बाजरे का लक्ष्य पूरा दिखा दिया गया है और इसी तरह धान का लक्ष्य भी कागजों में पूरा कर दिया जाएगा।
ज्ञापन में चेतावनी दी गई है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 18 दिसंबर, बृहस्पतिवार से मालवीय आवास गृह बदायूं में जिला प्रभारी झाझन सिंह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे। संगठन ने कहा कि 85 वर्षीय झाझन सिंह के साथ धरने के दौरान यदि कोई अप्रिय घटना होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
किसान नेताओं का आरोप है कि डिप्टी आरएमओ द्वारा सरकारी क्रय केंद्रों के खोलने से लेकर खरीद प्रक्रिया तक किसी भी नियम-कानून का पालन नहीं किया गया। जनपद की पांचों तहसीलों में हर वर्ष समान संख्या में क्रय केंद्र खोले जाते थे, लेकिन इस बार अधिकांश केंद्र केवल बदायूं और दातागंज में ही खोल दिए गए। बिल्सी में खोला गया एक मात्र केंद्र भी 30 नवंबर को शुरू कर 6 दिसंबर को बंद कर दिया गया, जबकि अभी लगभग 4000 कुंतल बाजरे की खरीद शेष है।
भाकियू टिकैत का कहना है कि उनके ब्लॉक अध्यक्ष 26 नवंबर से लगातार क्रय केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। कई केंद्रों पर तौल तक नहीं हो रही, फिर भी कागजों में एक-एक केंद्र पर 6000 कुंतल धान की खरीद दर्शाई जा रही है। इसे किसानों के साथ खुली धांधली बताया गया।
ज्ञापन सौंपने वालों में जिला अध्यक्ष रामा शंकर शंखधार, जिला प्रभारी झाझन सिंह, जिला महासचिव नरेंद्र सक्सेना, मंडल सचिव विनोद सक्सेना, युवा जिला अध्यक्ष अमरपाल सिंह यादव, ब्लॉक अध्यक्ष सहसवान महिपाल सिंह यादव, युवा ब्लॉक अध्यक्ष सहसवान दिनेश यादव, ग्राम अध्यक्ष हमूपुर वीरपाल सिंह यादव, ब्लॉक अध्यक्ष वजीरगंज राजेश्वर सिंह यादव, वजीरगंज ब्लॉक उपाध्यक्ष राजेश यादव सहित अन्य किसान नेता मौजूद रहे।
अंत में किसानों ने नारे लगाए—
जय जवान, जय किसान, जय टिकैत, जय टिकैत परिवार।
Budaun Amarprabhat