
आई एम खान, संवाददाता
बिसौली। सिद्ध बाबा इंटर कॉलेज शरह बरौलिया के मैदान पर चल रही श्रीराम कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा व्यास पं. प्रेममूर्ति पंकज मिश्र ने श्रीराम विवाह एवं परशुराम–लक्ष्मण संवाद प्रसंग का भावपूर्ण और काव्यात्मक वर्णन कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया।
कथा का शुभारंभ धनुष यज्ञ प्रसंग से करते हुए कथा व्यास ने बताया कि किस प्रकार भगवान श्रीराम ने शिवजी के धनुष का भंजन कर माता सीता का हाथ प्राप्त किया। इसके पश्चात धनुष भंजन की सूचना पाकर स्वयंवर में पहुंचे भगवान परशुराम के क्रोध और लक्ष्मण जी से हुए तीखे संवाद का रोचक वर्णन किया गया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीराम के शालीन, संयमित और शांत स्वभाव के कारण ही भगवान परशुराम का क्रोध शांत हुआ।
इसके बाद चारों भाइयों के विवाह प्रसंग का सुंदर वर्णन किया गया। कथा व्यास ने कहा कि भगवान श्रीराम चेतना के प्रतीक हैं और माता सीता शक्ति का स्वरूप हैं। उन्होंने सीता पंचमी के महत्व को भी विस्तार से समझाया। कथा के दौरान प्रभु श्रीराम, माता सीता एवं लक्ष्मण जी के वनगमन प्रसंग का भी मार्मिक चित्रण किया गया, जिसे सुनकर श्रोता भावुक हो उठे।
कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। इस अवसर पर सत्य पाल शर्मा, पंडित देवेश आचार्य, सिद्ध बाबा धाम के महंत सोहन लाल, श्याम पाल पाठक, सत्यदेव शर्मा, अवनीश पाठक, सुरेंद्र शर्मा, नीरज कटिया, टिंकू कटिया, राकेश शंखधार, प्रांजल कटिया, प्रशांत सिंह, श्रीकृष्ण फूलमाली, आयुष शर्मा, मनुदेव शर्मा, निखिल कटिया, करण कटिया सहित चंद्रवती, रामबेटी, सुधा शर्मा, आशा पाठक, प्रसुनिका शर्मा, मानसी कटिया, अनामिका शर्मा, सृष्टि शंखधार सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे।
कथा स्थल पर भक्ति संगीत और जयकारों से वातावरण पूरी तरह राममय बना रहा।
Budaun Amarprabhat