संवाददाता गोविन्द देवल
बदायूं | सदर नगर पालिका परिषद ने विकास और निर्माण कार्यों को लेकर सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। पालिका चेयरमैन फात्मा रजा ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि विकास व निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
छह सड़का से गांधी ग्राउंड स्थित शिव मंदिर तक बन रही सीसी सड़क का निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा के बाद भी पूरा न होने पर नगर पालिका ने सख्ती दिखाई है। अधिशासी अधिकारी विनय कुमार मणि त्रिपाठी ने संबंधित ठेकेदार को सात दिन के भीतर मानक के अनुरूप कार्य पूरा करने का अंतिम नोटिस जारी किया है।
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि अवस्थापना विकास निधि के अंतर्गत स्वीकृत इस सड़क निर्माण कार्य के लिए हुसैन पुख्ता मैसर्स माहेश्वरी ट्रेडर्स के प्रोपराइटर मनोज कुमार को 25 अप्रैल को कार्यादेश जारी किया गया था। कार्यादेश के अनुसार निर्माण कार्य 24 जून 2025 तक पूरा किया जाना था, लेकिन अब तक कार्य अधूरा है।
नगर पालिका के अनुसार इससे पहले भी सात नवंबर को कार्यालयी नोटिस जारी कर कार्य को गुणवत्तापूर्वक पूरा करने और जियोटैगिंग फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन स्थिति में सुधार नहीं हुआ। निर्माण में देरी और गुणवत्ता को लेकर स्थानीय नागरिकों में असंतोष है और लगातार शिकायतें प्राप्त हो रही हैं।
पालिका प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिन के भीतर कार्य पूरा नहीं किया गया तो अनुबंध की शर्त संख्या-13 के तहत सड़क का पुनः निर्माण कराया जाएगा, ठेकेदार की जमानत राशि जब्त की जाएगी, उसे ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी।
इधर नगर पालिका परिषद के वार्ड संख्या-21 में 15वें वित्त आयोग मद से स्वीकृत आश्रम की पुलिया से रोजा के पास बन रही सीसी सड़क व नाली निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। यह कार्य ठेकेदार फुरकान अली द्वारा कराया जा रहा है। वार्ड सभासद आशीष कश्यप ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल और सड़क में गड्ढे होने की शिकायत की है।
मामले को गंभीरता से लेते हुए पालिका प्रशासन ने अपर अभियंता सिविल अमन कुमार को गुणवत्ता जांच के निर्देश दिए हैं। बताया गया कि ठेकेदार को पहले भी दो बार नोटिस दिया जा चुका है, लेकिन सुधार नहीं हुआ। यदि जांच में कार्य मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया तो सड़क का पुनः निर्माण, ठेकेदार की रिकवरी, ब्लैकलिस्टिंग और एफआईआर की कार्रवाई की जाएगी।
अधिशासी अधिकारी ने दो टूक कहा कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
— संवाददाता: गोविंद देवल
Budaun Amarprabhat