बदायूं। प्रदेशभर में चल रही एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत बदायूं विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर आपत्तियों का मामला सामने आया है। अलग-अलग बूथों पर एक ही नाम से बड़ी संख्या में मतदाताओं को अनुपस्थित दर्शाते हुए फॉर्म नंबर-7 के माध्यम से आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं, जबकि संबंधित मतदाता वर्षों से अपने बूथों पर पंजीकृत हैं और 2025 की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में भी उनके नाम दर्ज हैं।
इसी समस्या को लेकर सोमवार को फखरे अहमद शोबी ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर उन्हें पूरे प्रकरण से अवगत कराया। इस पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट आश्वासन दिया कि फॉर्म नंबर-7 कोई भी व्यक्ति भरकर आपत्ति दर्ज करा सकता है, लेकिन केवल आपत्ति के आधार पर किसी भी पात्र मतदाता का नाम नहीं काटा जाएगा। जब तक ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जाएंगे, तब तक किसी का भी वोट नहीं हटाया जाएगा।
फखरे अहमद शोबी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के अनुसार किसी एक मतदाता पर आपत्ति केवल एक व्यक्ति ही लगा सकता है, जबकि बदायूं विधानसभा क्षेत्र में एक-दो लोगों द्वारा हजारों मतदाताओं के खिलाफ फॉर्म-7 भर दिए गए हैं। जिन मतदाताओं पर आपत्ति लगाई गई है, वे लंबे समय से बदायूं के निवासी हैं और नियमित रूप से मतदान करते रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आपत्ति दर्ज कराने वाले व्यक्तियों ने न तो संबंधित मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से जाना है और न ही उनके अनुपस्थित होने का कोई प्रमाण प्रस्तुत किया है। ऐसे में प्रशासन से मांग की गई है कि प्राप्त सभी फॉर्म-7 की गंभीरता से जांच की जाए और किसी भी मतदाता का नाम अनावश्यक रूप से मतदाता सूची से न हटाया जाए।
Budaun Amarprabhat