26 मई को समाप्त हो रहा पंचायतों का कार्यकाल, आरक्षण प्रक्रिया व अन्य तैयारियों के चलते देरी के संकेत
संवाददाता: गोविंद देवल
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की तिथियों को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो सकी है। प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं के चलते चुनाव कार्यक्रम में देरी की संभावना जताई जा रही है। ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि पंचायत चुनाव आगामी विधानसभा चुनाव के बाद कराए जा सकते हैं, हालांकि इस पर अंतिम निर्णय अभी शेष है।
प्रदेश की वर्तमान पंचायतों का कार्यकाल 26 मई को समाप्त हो रहा है। इसके बावजूद नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया समय पर पूरी होना चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन और आरक्षण से जुड़ी प्रक्रिया अभी पूर्ण नहीं हो सकी है, जिसके कारण चुनावी कार्यक्रम प्रभावित हो सकता है।
राजनीतिक दृष्टि से भी इस समय सभी प्रमुख दलों का ध्यान आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर केंद्रित है। ऐसे में स्थानीय निकाय चुनावों की समय-सीमा को लेकर स्वाभाविक रूप से विचार-विमर्श जारी है।
उधर, पंचायत चुनाव को लेकर माननीय उच्च न्यायालय में एक याचिका भी दायर की गई है, जिस पर सुनवाई के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
फिलहाल, आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है। संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं, ताकि उचित समय पर चुनाव कराए जा सकें।
Budaun Amarprabhat