वजीरगंज। पवित्र सावन मास की कावड़ यात्रा आगामी 30 जुलाई से शुरू होने जा रही है, लेकिन बगरैन कस्बे में प्रशासनिक तैयारियां अभी तक पूरी तरह नदारद नजर आ रही हैं। कावड़ यात्रा के मुख्य मार्गों पर पसरे भारी अतिक्रमण के चलते इस बार यात्रा का निकलना और सुरक्षा व्यवस्था एक बड़ा सवाल बन गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि कस्बे के मुख्य बाजारों, चौराहों और कावड़ियों के गुजरने वाले प्रमुख रास्तों पर दुकानदारों व अन्य लोगों द्वारा ठेले, फड़ और अवैध रूप से अस्थायी अतिक्रमण कर लिया गया है। कई जगहों पर स्थिति यह है कि सड़क की आधी से अधिक चौड़ाई पर कब्जा जमा हुआ है। ऐसे में सावन के दौरान गुजरने वाले हजारों शिव भक्तों के जत्थों और डाक कावड़ियों के निकलने पर भारी जाम लगने व बड़े हादसों की आशंका बनी हुई है।
सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि यात्रा शुरू होने में अब कुछ ही दिन शेष बचे हैं, इसके बावजूद बगरैन पुलिस चौकी पर कावड़ यात्रा को लेकर अब तक किसी प्रकार की सुगबुगाहट या बैठक नहीं हुई है। इतना ही नहीं, वजीरगंज थानाध्यक्ष द्वारा भी क्षेत्र के संभ्रांत नागरिकों, व्यापारियों और कावड़ सेवा शिविर संचालकों के साथ कोई समन्वय बैठक आयोजित नहीं की गई है।
परंपरागत रूप से हर वर्ष कावड़ यात्रा से पहले पुलिस प्रशासन द्वारा रूट का निरीक्षण, अतिक्रमण हटाओ अभियान और शांति समितियों की बैठकें कराई जाती थीं, लेकिन इस बार बरती जा रही उदासीनता से स्थानीय नागरिकों और शिव भक्तों में भारी रोष व्याप्त है।
एक स्थानीय नागरिक ने पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “हर साल हम लोग शिव भक्तों की सेवा के लिए शिविर लगाते हैं, लेकिन इस बार न तो पुलिस प्रशासन ने कोई दिशा-निर्देश दिए हैं और न ही रास्ते साफ कराए गए हैं। रास्तों पर इतना अतिक्रमण है कि पैदल निकलना मुश्किल है, ऐसे में विशाल कावड़ यात्रा कैसे निकलेगी?
क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों और व्यापारियों ने जिलाधिकारी बदायूं तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से पुरजोर मांग की है कि तत्काल प्रभाव से बगरैन कस्बे के कावड़ यात्रा मार्गों से अतिक्रमण हटवाया जाए। साथ ही, वजीरगंज थानाध्यक्ष की अध्यक्षता में बगरैन पुलिस चौकी पर क्षेत्र के लोगों और व्यापारियों की बैठक आयोजित कर सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किया जाए, ताकि यह पवित्र कावड़ यात्रा शांतिपूर्ण और सकुशल संपन्न हो सके।
Budaun Amarprabhat