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जनहित सत्याग्रह मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह हाउस अरेस्ट

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जनहित सत्याग्रह मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह हाउस अरेस्ट
जंतर-मंतर के छात्रों के समर्थन में अंबेडकर पार्क में होने वाला धरना प्रदर्शन रोका
बदायूं। दिल्ली के जंतर-मंतर पर लंबे समय से चल रहे छात्रों और नौजवानों के आंदोलन के समर्थन में जिला अस्पताल के सामने स्थित अंबेडकर पार्क में जनहित सत्याग्रह मोर्चा तथा विभिन्न सहयोगी संगठनों (क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन, एटक, मूलनिवासी संघ आदि) द्वारा एक दिवसीय धरना एवं ज्ञापन का कार्यक्रम आयोजित किया जाना था। हालांकि, प्रस्तावित कार्यक्रम से ठीक पहले ही पुलिस प्रशासन ने जनहित सत्याग्रह मोर्चा के अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह को उनके नगला शर्की स्थित आवास पर हाउस अरेस्ट कर दिया।
अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह को नजरबंद किए जाने की सूचना मिलते ही मोर्चा और अन्य संगठनों के दर्जनों पदाधिकारी उनके आवास पर पहुंच गए। लेकिन पुलिस ने बलपूर्वक किसी भी पदाधिकारी को धरना स्थल पर जाने की अनुमति नहीं दी।
इस दौरान तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए मोर्चा अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह ने कहा कि “लोकतंत्र में नागरिकों को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन का अधिकार है, पुलिस द्वारा इस प्रकार हाउस अरेस्ट करना असंवैधानिक प्रक्रिया है, हम इसका कड़ा विरोध करते हैं।” उन्होंने दो टूक कहा कि देश का आम नागरिक और छात्र-नौजवान इस तरह की दमनकारी कार्यवाहियों से डरने वाला नहीं है। जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह आंदोलन अलग-अलग रूपों में निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आज की पूंजीवादी सत्ता जनता के अधिकारों को कुचलने के लिए फासीवादी तौर-तरीके अपना रही है।
मोर्चा के महामंत्री चरन सिंह यादव ने अपने संबोधन में कहा कि प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रहे पेपर लीक और गत 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान हुए निर्मम पुलिसिया दमन के खिलाफ था। उन्होंने कहा कि देश का नौजवान पहले से ही बेरोजगारी और महंगी शिक्षा की मार से त्रस्त है, ऊपर से पेपर लीक जैसी घटनाएं छात्रों के भविष्य को अंधकारमय बना रही हैं।
क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन के वक्ता सतीश ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और नौजवानों का स्वागत लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों से किया गया। इस अमानवीय दमन में सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि सादे कपड़ों और बिना नेम-प्लेट वाले लोग भी छात्रों पर लाठियां भांजते नजर आए, और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस दौरान पैलेट गन तक का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि मोर्चा इस प्रकार के उत्पीड़न का पुरजोर विरोध करता है और जनता के न्यायपूर्ण संघर्षों के साथ खड़ा रहेगा।
धरना स्थल पर कार्यक्रम न हो पाने के बाद, मोर्चे द्वारा अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन महामहिम राष्ट्रपति महोदया को प्रेषित किया गया। खास बात यह रही कि किसानों और संगठनों के विरोध के चलते ज्ञापन लेने के लिए उपजिलाधिकारी और तहसीलदार स्वयं नगला शर्की स्थित अध्यक्ष प्रेमपाल सिंह के निवास पर पहुंचे।
इस पूरे घटनाक्रम और ज्ञापन के दौरान प्रेमपाल सिंह, चरन सिंह यादव, डॉ. सतीश, रामप्रकाश (पूर्व प्रवक्ता), राकेश, इं. हर्षवर्धन, आर.के. जौहरी, सुनील कुमार, कृष्ण गोपाल, नमित कुमार, और रितेश सहित तमाम गणमान्य लोग मौजूद रहे।


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