बदायूँ। जनपद के प्रख्यात एवं वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम बहादुर ‘व्यथित’ को राजस्थान के अलवर में आयोजित एक भव्य समारोह में हिंदी साहित्य के क्षेत्र में उनके विशिष्ट योगदान के लिए प्रतिष्ठित ‘‘साहित्य मार्तण्ड’’ उपाधि से सम्मानित किया गया है। यह गौरवशाली उपलब्धि जनपद और पूरे क्षेत्र के साहित्य जगत के लिए गर्व का विषय है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 23 जुलाई 2026 को अलवर स्थित ‘जगमग दीप ज्योति संस्थान’ के तत्वावधान में आयोजित सम्मान समारोह में डॉ. ‘व्यथित’ को यह अलंकरण प्रदान किया गया। समारोह के अध्यक्ष दीपक पलावत ने डॉ. राम बहादुर ‘व्यथित’ को विधिवत माल्यार्पण कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया, जबकि कार्यक्रम की संयोजक श्रीमती माधवी पलावत ने उन्हें संस्थान का स्मृति चिह्न भेंट किया।
डॉ. ‘व्यथित’ को यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान हिंदी साहित्य की अभिवृद्धि, संवर्धन और उनके दीर्घकालिक विशिष्ट साहित्यिक योगदान के लिए दिया गया है। उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व भी देश के कई अन्य प्रांतों में उन्हें उनकी साहित्यिक सेवाओं के लिए विभिन्न अलंकरणों से विभूषित किया जा चुका है।
वरिष्ठ साहित्यकार डॉ. राम बहादुर ‘व्यथित’ को यह प्रतिष्ठित उपाधि मिलने पर बदायूँ सहित देश-विदेश के साहित्य प्रेमियों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
प्रमुख रूप से डॉ. सोनरूपा विशाल, डॉ. अक्षत अशेष, नरेन्द्र गरल, अशोक खुराना, महेश मित्र, डॉ. प्रतिभा मिश्रा, बी.डी. मथुरिया एडवोकेट, आनन्द बाबू गुप्ता, वेद प्रकाश साहू एडवोकेट, अजय मथुरिया (महामंत्री), लालता प्रसाद एडवोकेट और गुलाब सिंह राठौर सहित तमाम साहित्यकारों ने उन्हें दूरभाष एवं संदेशों के माध्यम से हार्दिक बधाई दी है तथा उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
Budaun Amarprabhat