*बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के*
*जनकल्याण से राष्ट्र गौरव तक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 स्वर्णिम वर्ष
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मोदी युग के 12 वर्ष: जनविश्वास से राष्ट्र निर्माण तक की ऐतिहासिक यात्रा :- राजीव कुमार गुप्ता
*ऐतिहासिक नेतृत्व और जनसेवा का स्वर्णिम काल…*
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व के 12 वर्ष अनेक दृष्टियों से ऐतिहासिक, प्रेरणादायी और परिवर्तनकारी रहे हैं। यह कालखंड केवल शासन संचालन का नहीं, बल्कि जनसेवा, विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण के नए प्रतिमान स्थापित करने का भी रहा है। देश के सबसे लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में कीर्तिमान स्थापित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह सिद्ध किया है कि दृढ़ संकल्प, स्पष्ट नीयत और जनहित के प्रति समर्पण से असंभव प्रतीत होने वाले लक्ष्य भी प्राप्त किए जा सकते हैं।
*वित्तीय समावेशन और डिजिटल क्रांति का विस्तार…*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री जनधन योजना के माध्यम से करोड़ों लोगों को बैंकिंग व्यवस्था से जोड़ा गया। डिजिटल इंडिया अभियान ने देश में तकनीकी क्रांति का मार्ग प्रशस्त किया, जिससे शासन अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुखी बना। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण व्यवस्था ने सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी बिचौलिए के सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने का कार्य किया, जिससे भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगा।
*आत्मनिर्भर भारत और आधारभूत संरचना का सशक्त निर्माण…*
“बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” केवल एक नारा नहीं, बल्कि बीते एक दशक से अधिक समय में हुए व्यापक परिवर्तन की सशक्त अभिव्यक्ति है। आर्थिक क्षेत्र में वस्तु एवं सेवा कर लागू कर पूरे देश को एकीकृत कर व्यवस्था प्रदान की गई। आत्मनिर्भर भारत अभियान के माध्यम से देश को उत्पादन, नवाचार और स्वदेशीकरण की दिशा में आगे बढ़ाया गया। रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी उपकरणों के निर्माण को प्रोत्साहन मिला, जिससे भारत की सामरिक क्षमता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि हुई। वहीं एक्सप्रेस-वे, रेलवे, हवाई अड्डों, बंदरगाहों और आधुनिक आधारभूत संरचना के निर्माण ने देश के विकास को नई गति प्रदान की।
*राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव के ऐतिहासिक निर्णय…*
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय एकता और सांस्कृतिक गौरव को भी नई मजबूती मिली। जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने का ऐतिहासिक निर्णय हो या अयोध्या में राम जन्मभूमि मंदिर के भव्य निर्माण का मार्ग प्रशस्त करना, ये निर्णय राष्ट्र की भावनाओं और आकांक्षाओं को साकार करने वाले महत्वपूर्ण पड़ाव सिद्ध हुए हैं।
*गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण का संकल्प…*
गरीब, किसान, युवा और महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की गईं। प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, स्वच्छ भारत अभियान तथा नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे प्रयासों ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरण पहुंचाने का कार्य किया है। महिला सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर लिए गए निर्णयों ने देश की आधी आबादी को नई ऊर्जा और अवसर प्रदान किए हैं।
*विश्व मंच पर बढ़ता भारत का गौरव….*
वैश्विक स्तर पर भी भारत की प्रतिष्ठा अभूतपूर्व रूप से बढ़ी है। आज विश्व के प्रमुख मंचों पर भारत की बात गंभीरता से सुनी जाती है। जी-20 की सफल अध्यक्षता, वैश्विक कूटनीति में सक्रिय भूमिका और अंतरराष्ट्रीय चुनौतियों पर भारत के प्रभावी नेतृत्व ने देश को विश्व समुदाय में एक मजबूत और विश्वसनीय शक्ति के रूप में स्थापित किया है।
*विकसित भारत 2047 की ओर बढ़ते कदम…*
आज देश “विकसित भारत 2047” के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है और 140 करोड़ भारतीय इस परिवर्तन यात्रा के सहभागी बने हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष वास्तव में “बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” सिद्ध हुए हैं। विश्वास, विकास और जनकल्याण की यह यात्रा आने वाले वर्षों में भारत को और अधिक सशक्त, आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं गौरवशाली राष्ट्र बनाने की दिशा में निरंतर अग्रसर रहेगी।
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Budaun Amarprabhat