संवाददाता नेत्रपाल सैलानी 
मुजरिया (बदायूं)। थाना मुजरिया क्षेत्र के ग्राम चतुरी नगला स्थित वाल्मीकि बस्ती के रास्ते को लेकर विवाद अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हो सका है। राजस्व विभाग की ओर से पैमाइश और निशानदेही की कार्रवाई किए जाने के बाद भी कुछ ग्रामीणों ने मार्ग पूरी तरह चालू न होने की बात कहते हुए नाराजगी जताई है।
ग्रामीणों के अनुसार, बस्ती से जुड़े एक पुराने सार्वजनिक रास्ते पर करीब एक माह पहले अवरोध उत्पन्न हो गया था, जिससे लोगों के आवागमन में परेशानी हो रही है। इस संबंध में उच्च अधिकारियों को शिकायत दिए जाने के बाद तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तथा रास्ते की पैमाइश कराई गई।
कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पैमाइश की कार्रवाई तो हुई, लेकिन मौके पर मार्ग पूरी तरह से चालू नहीं कराया गया। उनका यह भी कहना है कि प्रशासन की ओर से समाधान का आश्वासन मिलने पर शिकायत के निस्तारण संबंधी औपचारिकताएं पूरी कराई गईं, जबकि वे स्थायी समाधान की अपेक्षा कर रहे हैं।
वहीं, इस मामले में राजस्व निरीक्षक मंजुल कुमार ने बताया कि गठित संयुक्त राजस्व टीम ने चकमार्ग की पैमाइश एवं निशानदेही कर दी है। गांव से चकमार्ग तक पहले से मौजूद रास्ते को शामिल करते हुए सीमांकन कराया गया है तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि से आवश्यक मिट्टी कार्य कराने के लिए कहा गया है। उन्होंने कहा कि यदि भविष्य में किसी प्रकार की बाधा या अन्य समस्या सामने आती है तो नियमानुसार संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र स्थायी समाधान कराते हुए आवागमन सुचारु कराने की मांग की है। प्रशासन का कहना है कि मामले पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और आवश्यकतानुसार आगे भी कदम उठाए जाएंगे।
Budaun Amarprabhat