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आज जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, बदायूं के सभागार में प्राचार्य श्री राकेश कुमार जी के निर्देशन में डी एल एड प्रशिक्षुओं को हार्टफुलनेस संस्था की ओर से तनाव एवं भावना प्रबंधन के सबंध में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। प्राचार्य द्वारा प्रशिक्षुओं को विभिन्न आसनों और प्राणायाम के साथ मानसिक स्वास्थ्य हेतु ध्यान के अभ्यास को अपनाने का सुझाव दिया। जिला समन्वयक लाखन सिंह द्वारा कहा कि सामान्यतः ध्यान में हम विचारों से उलझते है मगर हार्टफुलनेस रिलेक्शेसन की सहायता से ध्यान में हम विचारों पर नियंत्रण न करके बल्कि विचारों का नियमन सहजता से कर सकते हैं। क्षेत्रीय समन्वयक अनुज सक्सेना ने कहा कि आज युवाओं में जीवन में सफलता हेतु स्वयं से स्वयं को साबित करने की अपेक्षा के साथ- साथ अपने माता- पिता और समाज की भावनाओं और अपेक्षाओं का सामना करना पड़ रहा है जिस कारण भावनात्मक उतार चढ़ाव और तनावपूर्ण परिस्थितियों से उबरने में ध्यान का अभ्यास सहायता कर सकता है।कार्यशाला की कोआर्डिनेटर डायट प्रवक्ता निशा यादव ने समापन अवसर पर कहा ध्यान के सफल अभ्यास का परिणाम शांत मन और प्रफुल्लित हृदय है तथा शिक्षक एक अभिनेता है क्योंकि उसे अपनी व्यक्तिगत समस्याओं कठिनाइयों के बाबजूद भी कक्षा में मुस्कराहट के साथ स्वयं को प्रसन्नचित होने के अभिनय करते हुए अपने विद्यार्थियों को शिक्षित करना होता है ताकि कक्षा का वातावरण सकारात्मक रहे। ध्यान सत्र उपरांत डायट प्रशिक्षुओं द्वारा अपने अदभुत अनुभवों को व्यक्त करते हुए अन्तर्मन की बातों को सांझा किया गया। इस अवसर पर सेवारत शिक्षक- प्रशिक्षण प्रभारी अमित कुमार शर्मा, प्रवक्ता सरवर अली, गीता सिंह, सुधा सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे।
Budaun Amarprabhat