भारतीय स्काउटिंग के जनक पंडित श्रीराम बाजपेई का मनाया 147 वहां जन्मदिवसोत्सव
बदायूं : स्काउट भवन प्रशिक्षण केंद्र में भारतीय स्काउटिंग के जनक पंडित श्रीराम बाजपेई की 147वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई। स्काउट संस्था के पदाधिकारियों ने उनके चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर श्रद्धा सुमन अर्पित किए। बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी। प्रादेशिक वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं जिला मुख्यायुक्त महेश चंद्र सक्सेना ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि पंडित श्रीराम बाजपेई ने भारतीय स्काउटिंग को प्रशिक्षण के साथ चरित्र निर्माण, अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और समाजसेवा का सशक्त माध्यम बनाया। उन्होंने युवाओं में आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और देश के प्रति समर्पण की भावना जागृत करने का कार्य भी किया। आज के युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
जिला संगठन कमिश्नर मोहम्मद असरार ने कहा कि पंडित श्रीराम बाजपेई का जीवन त्याग, साहस और सेवा की प्रेरणादायी मिसाल है। उन्होंने युवाओं को संगठित कर उनमें राष्ट्रीय चेतना का संचार किया। स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में देशभक्ति की भावना को मजबूत करने और युवाओं को राष्ट्रहित के लिए तैयार किया।
पूर्व जिला ट्रेनिंग कमिश्नर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि पंडित श्रीराम बाजपेई का मानना था कि राष्ट्र की वास्तविक शक्ति उसके संस्कारवान और चरित्रवान युवाओं में होती है। उन्होंने युवाओं को साहस, स्वावलंबन, सेवा और नेतृत्व का प्रशिक्षण देकर उन्हें राष्ट्र प्रहरी बनाया। श्रीराम प्रसाद बिस्मिल जैसे क्रांतिकारी तैयार किए। उनका जीवन आज भी स्काउट-गाइड के प्रत्येक सदस्य को कठिन परिस्थितियों में धैर्य और साहस के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।
स्काउट संस्था के एडिटर सुभाष मैथिल ने कहा कि पंडित श्रीराम बाजपेई समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए सदैव तैयार रहे। उनके विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
स्काउट संस्था पदाधिकारियों ने पंडित श्रीराम बाजपेई के चित्र पर माल्यार्पण कर पुष्पार्चन किया। बाजपेई का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणा का प्रकाशस्तंभ है। उन्होंने सेवा को सर्वोच्च धर्म मानते हुए अनुशासन, साहस, सहयोग और राष्ट्रप्रेम को जीवन मूल्यों के रूप में स्थापित किया। इस मौके पर स्काउट प्रशिक्षक नंदराम शाक्य, निखिल चौहान आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat