विद्यालयी बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन सख्त
बदायूँ: 11 अगस्त। बच्चों की सुरक्षित यात्रा एवं विद्यालयी वाहनों में सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में अपर जिलाधिकारी प्रशासन अरुण कुमार की अध्यक्षता में जिला विद्यालय यान परिवहन सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” अभियान के तहत अनाधिकृत एवं मानकों के विपरीत संचालित स्कूली वाहनों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई तथा विद्यार्थियों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
अपर जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है। विद्यालयों में प्रार्थना के दौरान विद्यार्थियों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया जाए तथा यातायात नियमों को प्रार्थना सभा का नियमित हिस्सा बनाया जाए। उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को स्कूली वाहनों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को अनाधिकृत अथवा असुरक्षित वाहनों से विद्यालय न भेजें। विद्यालयों में संचालित बस, वैन एवं अन्य वाहनों के चालकों का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण एवं पुलिस द्वारा चरित्र सत्यापन कराया जाए। छोटे बच्चों के सुरक्षित आवागमन के लिए स्कूली वाहनों में महिला/पुरुष सहायक की अनिवार्य व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित रूप से वाहन में बैठाने एवं उतारने की जिम्मेदारी तय हो सके। बैठक में बताया गया कि 11 अगस्त से 25 अगस्त 2026 तक “मिशन सेफ फ्यूचर 2.0” के अंतर्गत विशेष अभियान चलाया जाएगा।
उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान जनपद में स्कूल बस, वैन एवं बच्चों के आवागमन में प्रयुक्त अन्य वाहनों का सत्यापन एवं विशेष चेकिंग की जाएगी। ऐसे विद्यालयों को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया जाएगा, जहां बिना पंजीकरण के निजी बस, वैन अथवा अन्य वाहनों से बच्चों का आवागमन कराया जा रहा है। अधिक संख्या में अनाधिकृत वाहनों का संचालन कराने वाले विद्यालयों की “रेड लिस्ट” तैयार कर संबंधित अधिकारियों को भेजी जाएगी।
एडीएम ने निर्देश दिए कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद फिटनेस न कराने वाले अथवा सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले विद्यालयों एवं वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। अभियान के दौरान अनफिट वाहनों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए आवश्यकतानुसार उनका पंजीयन निलंबित करने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना दर को कम करने के लिए प्रशासन, विद्यालय प्रबंधन, वाहन चालक और अभिभावक सभी को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी।
बैठक में बीएसए अथवा उनके विभाग से कोई भी कार्मिक मौजूद न होने पर अपर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी महत्वपूर्ण बैठकों में सभी संबंधित अधिकारी समय से अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। इस अवसर पर एआरटीओ प्रशासन हरिओम, डीआईओएस लालजी यादव, विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
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Budaun Amarprabhat