अपर सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला, चारों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड
बदायूं। बहुचर्चित अर्चना हत्याकांड में अपर सत्र न्यायालय ने चार अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामला 28 जुलाई 2021 का है। पलिया गूजर निवासी बीए की छात्रा अर्चना ने बरेली के सुभाषनगर निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ हैप्पी से आर्य समाज मंदिर में विवाह किया था। विवाह के बाद मामले को लेकर दातागंज कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। इसके बाद अर्चना और देवेंद्र ने अपने विवाह से संबंधित बयान दर्ज कराने तथा कानूनी संरक्षण के लिए उच्च न्यायालय की शरण ली थी।
अभियोजन के अनुसार, उच्च न्यायालय के निर्देश पर अर्चना पुलिस सुरक्षा में बयान दर्ज कराने दातागंज कोतवाली जा रही थी। इसी दौरान कोतवाली के पास उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उपचार के लिए ले जाते समय अर्चना की मृत्यु हो गई थी।
मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कु. रिंकू की अदालत में हुई। पत्रावली में उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अदालत ने चंद्रपाल, कुंवरपाल, रवित कुमार और पुष्पेंद्र को हत्या का दोषी माना और चारों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मुख्य अभियुक्त रवित कुमार पर आर्म्स एक्ट के तहत एक हजार रुपये का अतिरिक्त अर्थदंड भी लगाया गया है।
अभियोजन पक्ष की ओर से शासकीय अधिवक्ता संजीव कुमार ने पैरवी की। अदालत के फैसले के बाद मामले का न्यायिक निस्तारण हो गया।
Budaun Amarprabhat