बदायूँ। डायट स्थित ऑडिटोरियम में पीठासीन अधिकारियों व मतदान अधिकारियों के प्रशिक्षण सत्र में मुख्य विकास अधिकारी/प्रभारी अधिकारी कार्मिक केशव कुमार ने कहा कि पीठासीन अधिकारी को यह जानकारी होनी चाहिए कि बूथ के अंदर आयोग द्वारा किसको प्रवेश के लिए अनुमन्य किया गया है। उन्होंने कहा कि केवल वही व्यक्ति ही बूथ के अंदर प्रवेश करें यह सुनिश्चित किया जाए।
प्रभारी अधिकारी कार्मिक ने कहा कि पोलिंग एजेंट उसी बूथ का या निकटवर्ती बूथ का या अपवाद की दिशा में उसी विधानसभा क्षेत्र का मतदाता होना चाहिए। मतदाता पर्ची को मतदान करने हेतु प्रर्याप्त साक्ष्य के रूप में अनुमन्य नहीं किया गया है अर्थात केवल मतदाता पर्ची के आधार पर कोई व्यक्ति मतदान नहीं कर सकेगा। उसे आयोग द्वारा मतदाता की पहचान हेतु अनुमन्य विकल्पों में से कोई एक विकल्प प्रस्तुत करना ही होगा।
उन्होंने बताया कि पोलिंग एजेन्ट के पास मतदाता पहचान पत्र अथवा कोई फोटोयुक्त शासकीय पहचान पत्र होना अनिवार्य है जिससे उसकी पहचान स्थापित होती हो। बूथ एवं उसके 100 मीटर के दायरे में किसी भी राजनैतिक दल का नाम एवं चुनाव चिन्ह एवं कोई प्रचार सामग्री न हो।
उन्होंने प्रशिक्षण सत्र में पीठासीन अधिकारियों व मतदान अधिकारियों को मतदान दिवस से एक दिन पूर्व व मतदान दिवस पर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में विस्तार से जानकारी दी तथा उनकी जिज्ञासाओं को शांत किया। उन्होंने पीठासीन अधिकारी की पांच रिपोर्ट व चार घोषणाओं पर भी विस्तार से जानकारी दी।
इस अवसर पर पीठासीन, मतदान अधिकारी सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।
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