कृष्ण ने यमुना को कालिया नाग के विष से दिलाई मुक्ति
बिल्सी। मोहल्ला संख्या छह में चल रही रामलीला के मंच पर बृहस्पतिवार की रात कालिया नाग के मान मर्दन की लीला का मंचन किया गया। जिसे देखने के लिए लीला प्रेमियों की भीड़ उमड़ पड़ी। मथुरा से आए कलाकारों ने शानदार लीला का मंचन कर लीला प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रासलीला में श्रीकृष्ण मित्रों के साथ यमुना नदी के किनारे गेंद से खेल रहे थे। भगवान ने जोर से गेंद फेंकी और वो यमुना में जा गिरी। गेंद भारी होने से वो सीधे यमुना के तल पर बैठ गई। समस्या यह थी कि उस समय यमुना में कालिया नाग रहता था। पांच फनों वाला नाग बहुत खतरनाक और विषधर था। उसके विष से यमुना काली हो रही थी और उसी जहर के कारण गोकुल के पशु यमुना का पानी पी कर मर रहे थे। कान्हा बहुत छोटे थे, लेकिन मित्रों के जोर के कारण उन्होंने तय किया कि गेंद वो ही निकाल कर लाएंगे। कान्हा ने यमुना में छलांग लगा दी। कृष्ण ने कालिया नाग की पूंछ पकड़कर उसे मारना शुरू कर दिया। कालिया नाग अपने प्राण की रक्षा के लिए कृष्ण से दुहाई देने लगा। कृष्ण ने उसे यमुना छोड़कर समुद्र में जाने के लिए वचबद्ध किया। इसके बाद कालिया नाग के फन पर नृत्य किया। इस तरह भगवान कृष्ण ने मथुरावासियों को कालिया नाग के साथ यमुना को उसके विष से मुक्ति दिलाई। मंचन के दौरान दौरान प्रबंधक विनोद पालावील, उमेश चंद्र गुप्ता, अजीत सिंह गूर्जर, संजीव वार्ष्णेय, विवेक राठी, जितेंद्र वार्ष्णेय, हरिओम राठौर, शेखर सक्सेना, प्रखर माहेश्वरी आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat