उझानी। अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज, हरिद्वार के तत्त्वावधान में आयोजित भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले नगर के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं शिक्षक-शिक्षिकाओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस परीक्षा में नगर के कुल 427 छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।
कार्यक्रम में गायत्री परिवार के संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भावी पीढ़ी को संस्कारवान, चरित्रवान एवं राष्ट्रनिष्ठ बनाने का प्रभावी माध्यम है। उन्होंने कहा कि वर्तमान भौतिकवादी युग में बच्चों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है। शांतिकुंज द्वारा किया जा रहा यह प्रयास समाज के नैतिक उत्थान की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
वरिष्ठ गायत्री परिजन सुखपाल शर्मा ने कहा कि विद्यालयों के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक इस अभियान की रीढ़ हैं, जिनके सहयोग से यह परीक्षा जन-जन तक पहुंच पा रही है। ऐसे शिक्षकों का सम्मान वस्तुतः संस्कृति और संस्कारों का सम्मान है।
उन्होंने बताया कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के सफल आयोजन में गायत्री परिजन आर्येंद्र सिंह, भुवनेश शर्मा, ममता शर्मा, दीप्ति शर्मा, नरेंद्र कुमार, अखिलेश माहेश्वरी सहित अन्य का सराहनीय सहयोग रहा।
इस अवसर पर देवनागरी इंटर कॉलेज के राममोहन शर्मा, शिक्षक हरर्वेश कुमार यादव, प्रदीप कुमार, चेतन शर्मा, रवीन्द्र कुमार, भदवार गर्ल्स इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या सुजाता सक्सेना, शिक्षिकाएं दीक्षा छाबड़ा, जोया अंसारी, रुबी पाल, इकरा कुरैशी, तनीषा गुप्ता, कल्पना पाल, विजया शर्मा, नगर पालिका अशर्फी देवी कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्या वीरू, प्रेमलता शर्मा, वेदमाता गायत्री विद्या मंदिर के प्रधानाध्यापक योगेन्द्र कुमार शर्मा, शिक्षक राकेश बाबू शर्मा, अंजना धवन, दीक्षा शंखधार, स्नेहा गुप्ता, करिश्मा सहित अन्य शिक्षकों को सम्मानित किया गया।
सम्मानित प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों ने परीक्षा के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाते हुए विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों एवं जीवन आदर्शों के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया। कार्यक्रम में सुखपाल शर्मा, भुवनेश शर्मा, ममता शर्मा सहित अनेक गायत्री परिजन उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat