– भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में इस बार ज्यादा छात्र-छात्राओं को बैठाने की तैयारी
बदायूं : गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा और ज्योति कलश रथ यात्रा के समापन पर होने वाले पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ और उनकी व्यवस्थाओं को लेकर संगोष्ठी हुई।
शक्तिपीठ के परिव्राजक सुमित कुकरेती ने वेदमंत्रोच्चारण के साथ दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ कराया।गायत्री शक्तिपीठ के मुख्य प्रबंध ट्रस्टी सुरेंद्रनाथ शर्मा ने कहा कि भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा 2026 में इस बार अधिक छात्र-छात्राओं को परीक्षा में बैठाने की तैयारी की जा रही है।गायत्री तपोभूमि मथुरा से परीक्षा साहित्य मंगाकर शीघ्र ही विद्यालयों में पहुंचा दिया जाएगा। परीक्षा अक्टूबर या नवंबर में संपन्न होगी। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला संयोजक प्रेमचंद शर्मा ने कहा कि गत वर्ष 6500 से अधिक छात्र-छात्रा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में बैठे थे। इस बार ज्यादा छात्र-छात्राओं को परीक्षा में शामिल करने के लिए उझानी, बिल्सी, सहसवान, दहगवां, बिसौली, आसफपुर, मुड़ियाधुरेकी, इस्लामनगर, उघैती, कुंवरगांव, बिनावर, सहसवान, कोल्हाई, दातागंज, समरेर, कादरचौक के अलावा अन्य शहरों और कस्बों के विद्यालयों में संपर्क किया जा रहा है।
जिला समन्वयक नरेंद्रपाल शर्मा ने कहा कि शांतिकुंज हरिद्वार से अखंड ज्योति के 100 वर्ष पूर्ण होने और परम वंदनीय माताजी के जन्म शताब्दी समारोह को लेकर निकली ज्योति कलश रथ यात्रा का जिले में भव्य स्वागत किया जा रहा है। प्रतिदिन जगह-जगह शाम को दीपयज्ञ और सुबह को पांच कुंडीय गायत्री महायज्ञ किए जा रहे हैं।भारतीय संस्कृति और संस्कारों का संदेश दिया जा रहा है। 2 अगस्त को गायत्री शक्तिपीठ पर ज्योति कलश रथ यात्रा का समापन होगा, भव्य कार्यक्रम भी होंगे
इस मौके पर सुखपाल शर्मा, कालीचरण पटेल, भुवनेश शर्मा, डा. सोहनपाल, बृज किशोर, नत्थूलाल शर्मा, मनोज मिश्रा, शिवमवंदा सिंह, पूनम अरोड़ा, माया सक्सेना, रजनी मिश्रा, मदनलाल झा आदि मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat