बदायूं। पूर्व मंत्री आबिद रजा ने प्रेस को जारी एक बयान में जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े प्रशासनिक कदमों पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रदेश सरकार से इस मामले में पुनर्विचार करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों का संरक्षण और विकास देशहित में आवश्यक है तथा किसी भी निर्णय में विद्यार्थियों के हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
आबिद रजा ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय में विभिन्न समुदायों के हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। उनके अनुसार यदि विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं पर कोई कार्रवाई होती है तो इसका प्रभाव छात्रों की पढ़ाई और भविष्य पर पड़ सकता है। उन्होंने आग्रह किया कि इस विषय को राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि शिक्षा और छात्रहित के नजरिये से देखा जाए।
पूर्व मंत्री ने अपने बयान में कहा कि देश के विकास में शिक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका है और शिक्षण संस्थानों को मजबूत बनाने की दिशा में प्रयास होने चाहिए। उन्होंने प्रदेश सरकार से अनुरोध किया कि जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित प्रशासनिक कार्रवाई के संबंध में छात्रहित को ध्यान में रखते हुए उचित निर्णय लिया जाए।
उन्होंने कहा कि सरकार और प्रशासन ऐसा समाधान निकालें जिससे विद्यार्थियों की शिक्षा प्रभावित न हो और उनके भविष्य को लेकर किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति उत्पन्न न हो।
Budaun Amarprabhat