शकील बदायूनी की जयंती के मौके पर आज आग़ाज़ (द वॉयस ऑफ यूथ) के कार्यकर्ताओं ने शकील बदायूंनी की प्रतिमा को पानी से साफ किया और उनके घंटा घर स्थित पार्क की भी सफाई की इस मौके पर सभी लोगों ने शकील बदायूंनी को श्रद्धांजलि अर्पित की
संस्था के संस्थापक आमिर सुल्तानी ने कहा कि शकील बदायुनी जैसी शख्सियत सदियों में पैदा होती है उनका लिखा हुआ गीत “इंसाफ की डगर पर बच्चों दिखाओ चल कर” हमेशा प्रासंगिक रहेगा इसको सुनकर नौनिहालों के मन में देश प्रेम के अंकुर फूटते हैं इसी प्रकार “अपनी आजादी को हम हरगिज मिटा सकते नहीं सर कटा सकते हैं लेकिन सर झुका सकते नहीं ” गीत भी अमर है उन्होंने कहा कि शकील साहब ने लगभग 100 सुपरहिट फिल्मों में गीत लिखें और आठ बार उन्होंने फिल्म फेयर अवार्ड हासिल किया
संस्था सदस्य नितिन गुप्ता ने कहा कि ऐसे महान इंसान को उसी के शहर में कुछ नहीं मिला बदायूं में बने किसी भी चौराहे का नाम उनके नाम से होना चाहिए यही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी !
अरशद रसूल ने कहा कि बदायूं के नाम को उन्होंने अपनी शायरी से पूरे विश्व में पहचान दिलवाई जिसके लिए बदायूं वासी हमेशा उनके कर्ज़दार रहेंगे
इस मौके पर शहबाज हुसैन,जिया उल हक (सोहेल सैफी), समीर खान मौजूद रहे
Budaun Amarprabhat