बदायूं। गायत्री शक्तिपीठ एवं आध्यात्मिक चेतना केंद्र पर सावन के चौथे सोमवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ रुद्राभिषेक किया गया। शिवभक्तों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान शिव का दुग्धाभिषेक कर बिल्वपत्र, पुष्प, भांग व धतूरा अर्पित किए। श्रृंगार के बाद भव्य आरती हुई और हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण शिवमय हो गया।
गायत्री शक्तिपीठ के परिब्राजक लेखराज जायसवाल ने कहा कि रुद्राभिषेक मनुष्य के भीतर कल्याणकारी चेतना जगाने वाला आध्यात्मिक विधान है। वेदाचार्य नरेन्द्रपाल शर्मा ने शिव आराधना को तप, संयम, त्याग और सदाचार की प्रेरणा बताया।
वरिष्ठ ट्रस्टी सुखपाल शर्मा ने कहा कि रुद्राभिषेक मन को एकाग्र करने और अंतःकरण के परिष्कार की साधना है। यज्ञवीर संजीव कुमार शर्मा ने कहा कि शिव उपासना मनुष्य को धैर्य, करुणा और लोकमंगल का मार्ग दिखाती है। मुख्य यजमान डीपी सिंह-शिवंवदा सिंह, गोपाल किशोर-नीरु देवी व अनूप गुप्ता-नीरु गुप्ता रहे। श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण की कामना की।
Budaun Amarprabhat