बिसौली। कस्बा सैदपुर स्थित अहले हदीस मस्जिद में मिलादुन्नबी की हैसियत और अहले तौहीद की जिम्मेदारियां विषय पर सेमीनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कुरआन की तिलावत से हुई। मौलाना शमीम अहमद सल्फी ने कहा कि नबी-ए-करीम की सीरत और तौहीद पर चलना ही सच्चे ईमान की पहचान है। रहीम दाद खान ने कहा कि अल्लाह पर सच्चा ईमान रखते हुए नबी की सीरत पर अमल करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से इस्लाम की तबलीग और हक पर कायम रहने का आह्वान किया। हाफिज साजिद हतरवीं ने कौम व मुल्क की खुशहाली के लिए दुआ कराई। इस दौरान हाजी रजीउद्दीन, अफजल खान, मुस्तफा खान समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat