छेड़छाड़ के मामले में दोषी को एक साल का कठोर कारावास
बदायूं। ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत प्रभावी पैरवी के बाद विशेष न्यायाधीश पोक्सो अधिनियम, बदायूं की अदालत ने वर्ष 2017 के एक मामले में अभियुक्त मजले पुत्र नरेश निवासी दिधौनी, थाना बिल्सी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर पांच हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड अदा न करने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
मामला थाना बिल्सी में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 599/2017 से संबंधित है। अभियोजन के अनुसार मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत कार्रवाई की गई थी। विवेचना पूरी करने के बाद आरोप पत्र विशेष न्यायालय पोक्सो अधिनियम में प्रस्तुत किया गया।
पुलिस के अनुसार ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत मामले की समयबद्ध मॉनीटरिंग करते हुए अभियोजन विभाग के समन्वय से न्यायालय में पैरवी की गई। सुनवाई के बाद अदालत ने अभियुक्त को धारा 354 भादवि के तहत दोषी मानते हुए उक्त सजा सुनाई, जबकि पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के आरोप से उसे दोषमुक्त कर दिया।
अदालत के आदेश के अनुसार अर्थदंड की पूरी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी। अभियुक्त द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा की अवधि में समायोजित किया जाएगा। मामले में पैरोकार कांस्टेबल नीरज, विवेचक उपनिरीक्षक रामौतार सिंह और लोक अभियोजक एडीजीसी अमौल जोहरी की पैरवी का उल्लेख किया गया है।
Budaun Amarprabhat