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प्रतियोगिताएं बौद्धिक विकास का साधन हैं: संजीव रूप

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बिल्सी। तहसील क्षेत्र के गांव गुधनी में स्थित आर्य संस्कारशाला गुरुकुल में अनेक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा रहा है। संस्कारशाला के संचालक आचार्य संजीव रूप ने बताया कि प्रतियोगिताओं का उद्देश्य बच्चों का सर्वांगीण विकास करना है। कला, गायन, भाषण, काव्य, व्यायाम, दौड़ तथा अन्ताक्षरी प्रतियोगिताएं आयोजित कर बच्चों का हर क्षेत्र में ज्ञान बर्धन करना हमारा उद्देश्य है। आचार्य ने बताया कि 1992 से निःशुल्क आर्य संस्कारशाला गुरुकुल का संचालन कर रहे हैं। जिसमे एक से 15 वर्ष तक के बच्चे संस्कारित किए जाते हैं। सोमवार को यहां चित्रकला प्रतियोगिता हुई। जिसमें वैष्णवी ने प्रथम, उर्वशी ने द्वितीय तथा आस्था एवं बीना ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। अरुण और मानसी को सात्वना पुरस्कार विजेता रहे।


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