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संवाददाता: गोविंद देवल, बदायूँ
बदायूँ। शेखुपुर विधानसभा में सियासी हलचल तेज होती नजर आ रही है। क्षेत्र की जनता लगातार पूर्व मंत्री आबिद रज़ा से 2027 का विधानसभा चुनाव शेखुपुर से लड़ने की मांग कर रही है। इसी कड़ी में ईद के मौके पर आबिद रज़ा भसराला, जगत, रूपपुर और सखानू गांव पहुंचे, जहां उनका जोरदार और भव्य स्वागत किया गया।
गांव की सीमाओं से एक किलोमीटर पहले ही समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और बाइकों के साथ जुलूस निकाला। “देखो-देखो कौन आया, बब्बर शेर आया” जैसे नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। गांव पहुंचने पर छतों से महिलाओं, बच्चों और पुरुषों ने फूलों की बारिश कर उनका अभिनंदन किया। स्वागत में फूलमालाएं पहनाई गईं और ड्रोन से भी पुष्प वर्षा कर कार्यक्रम को भव्य रूप दिया गया।
सभा को संबोधित करते हुए आबिद रज़ा ने लोगों को ईद की मुबारकबाद दी और कहा कि शेखुपुर की जनता के साथ न्याय नहीं हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता का “सियासी हक” छीना गया और विकास कार्यों की अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश की राजनीति अब दो धड़ों में बंट गई है—एक नफरत फैलाने वालों की और दूसरी मोहब्बत करने वालों की।
उन्होंने दावा किया कि 2027 में जनता बदलाव का मन बना चुकी है और अखिलेश यादव को दोबारा मुख्यमंत्री बनाने की तैयारी है। साथ ही उन्होंने महंगाई, पेट्रोल-डीजल के दाम और घरेलू गैस की समस्या को लेकर सरकार पर निशाना साधा।
चुनाव लड़ने के सवाल पर आबिद रज़ा ने कहा कि फैसला जनता के हाथ में है। यदि शेखुपुर की जनता खुलकर उनका समर्थन करती है और यह आवाज लखनऊ तक पहुंचती है, तो वह चुनाव लड़ने पर विचार करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रति लोगों में नाराजगी भी खुलकर सामने आई। ग्रामीणों ने विकास कार्य न होने और जनप्रतिनिधियों के क्षेत्र में न आने की शिकायत की। इस पर आबिद रज़ा ने कहा कि यदि जनप्रतिनिधि जनता के सुख-दुख में साथ नहीं खड़े होते, तो यह वोट के साथ नाइंसाफी है और इसके खिलाफ आवाज उठानी जरूरी है।
इस मौके पर क्षेत्र के कई गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे, जिससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि शेखुपुर की सियासत आने वाले समय में और गरमाने वाली है।
Budaun Amarprabhat