संवाददाता: अमित वर्मा, उसावां (बदायूँ)
उसावां। क्षेत्र के गांव नवीगंज में स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक मलाई देवी मंदिर की भूमि पर कथित कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि मंदिर की खाली पड़ी जमीन पर कुछ लोगों ने जेसीबी से खुदाई कर जबरन निजी रास्ता बना लिया, जिससे धार्मिक आस्था और विरासत दोनों पर संकट मंडराने लगा है।
ग्रामीण श्रीपाल सिंह पुत्र अभिलाख सिंह ने पूरे प्रकरण की शिकायत सीधे मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दबंग प्रवृत्ति के लोगों ने अपने निजी स्वार्थ के लिए मंदिर की जमीन को नुकसान पहुंचाया है और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मंदिर प्राचीन इतिहास से जुड़ा हुआ है और इसे राजा ययाति की पुत्री माधवी से संबंधित माना जाता है। ‘मलाई देवी मंदिर’ के नाम से प्रसिद्ध इस स्थल पर हर वर्ष भव्य मेले का आयोजन होता है, जहां दूर-दराज से श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में मंदिर की जमीन पर अतिक्रमण से क्षेत्र में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को मजबूर होंगे। वहीं शिकायतकर्ता ने मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और मंदिर की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाए।
मामले ने अब राजनीतिक रंग भी लेना शुरू कर दिया है, जिससे प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मुद्दे पर क्या कदम उठाता है।
Budaun Amarprabhat