संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं/गोरखपुर। 26 मार्च 2026 की रात आसमान में एक बेहद खूबसूरत और खास खगोलीय घटना देखने को मिलेगी। इस दिन चंद्रमा और बृहस्पति ग्रह एक-दूसरे के बेहद करीब नजर आएंगे, जिससे आकाश में मनमोहक दृश्य बनेगा। इस खगोलीय घटना को “कंजंक्शन (युति)” कहा जाता है।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामंडल), गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, यह युति केवल देखने के कोण (लाइन ऑफ साइट) का प्रभाव होती है। वास्तविकता में दोनों खगोलीय पिंडों के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी रहती है, लेकिन पृथ्वी से देखने पर वे पास-पास दिखाई देते हैं।
उन्होंने बताया कि चंद्रमा पृथ्वी से लगभग 3,84,400 किमी दूर है, जबकि बृहस्पति की दूरी 71 से 75 करोड़ किमी के बीच रहती है। इसके बावजूद 26 मार्च की रात दोनों एक साथ बेहद करीब दिखाई देंगे, जो खगोल प्रेमियों के लिए खास मौका होगा।
शाम 8:30 से 9:30 बजे के बीच दिखेगा बेहतरीन नजारा
यह खगोलीय दृश्य भारत में सूर्यास्त के बाद दक्षिण-पश्चिम दिशा में देखा जा सकेगा। रात 8:30 से 9:30 बजे के बीच इसका सबसे स्पष्ट और शानदार दृश्य मिलेगा। बृहस्पति एक चमकीले सफेद बिंदु की तरह दिखाई देगा, जो टिमटिमाएगा नहीं, जबकि चंद्रमा उसके ठीक पास नजर आएगा।
नग्न आंखों से भी देख सकेंगे, दूरबीन से मिलेगा खास अनुभव
इस युति को बिना किसी उपकरण के भी आसानी से देखा जा सकता है। हालांकि, यदि दूरबीन या टेलीस्कोप का उपयोग किया जाए तो बृहस्पति के चार प्रमुख चंद्रमा—आईओ, यूरोपा, गैनिमीड और कैलिस्टो भी देखे जा सकते हैं।
कहां देखें और कैसे पहचानें
यह घटना मिथुन (Gemini) तारामंडल में घटित होगी। इसे देखने के लिए शहर की रोशनी से दूर किसी खुले और अंधेरे स्थान पर जाना बेहतर रहेगा। साफ आसमान होने पर यह दृश्य और भी स्पष्ट दिखाई देगा।
रात 12 बजे तक रहेगा नजारा
सूर्यास्त के बाद से यह युति दिखाई देना शुरू हो जाएगी और लगभग मध्य रात्रि तक देखी जा सकेगी। इसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज की ओर ढलने लगेंगे।
खगोलविदों के अनुसार, यह दुर्लभ खगोलीय नजारा आम लोगों के लिए भी खास अनुभव साबित होगा, जिसे हर किसी को एक बार जरूर देखना चाहिए।
Budaun Amarprabhat