प्रभावी पैरवी से 2016 के मामले में आया फैसला, दो-दो साल की सजा और जुर्माना
बदायूं। पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बदायूं पुलिस को एक और सफलता मिली है। प्रभावी पैरवी के चलते मारपीट और जातिसूचक गालियां देने के मामले में दो अभियुक्तों को न्यायालय ने कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है।
मामला थाना हजरतपुर में दर्ज मु0अ0सं0 250/2016 से संबंधित है, जिसमें धारा 323, 324, 504 भादवि एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया था। विवेचना तत्कालीन क्षेत्राधिकारी दातागंज श्योराज सिंह द्वारा पूरी कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया।
अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित करते हुए मॉनीटरिंग सेल और पैरोकार आरक्षी विनोद कुमार विष्ट द्वारा न्यायालय में सशक्त पैरवी की गई। इसके परिणामस्वरूप 23 अप्रैल 2026 को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट, बदायूं न्यायालय ने अभियुक्त सुशील उर्फ सुनील गुप्ता एवं ज्ञानेन्द्र गुप्ता को दोषी ठहराया।
न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को धारा 323 में 6-6 माह, धारा 324 में 2-2 वर्ष तथा धारा 504 में 1-1 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रत्येक पर 2000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।
इस मामले में पैरोकार आरक्षी विनोद कुमार विष्ट, विवेचक श्योराज सिंह एवं लोक अभियोजक जितेंद्र कुमार (एडीजीसी) की भूमिका सराहनीय रही।
इस कार्रवाई को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत न्याय दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
Budaun Amarprabhat