बदायूं। गिंदो देवी महिला महाविद्यालय में प्रसिद्ध गीतकार, कवि एवं शिक्षक डॉ. उर्मिलेश शंखधार के अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में साहित्यिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर इंदु शर्मा ने की। कार्यक्रम में शिक्षिकाओं और छात्राओं ने सहभागिता की।
डॉ. उमा सिंह गौर ने डॉ. उर्मिलेश शंखधार के साहित्यिक अवदान को रेखांकित करते हुए कहा कि उनकी रचनाओं में जीवन के विविध अनुभवों के साथ मानवीय संवेदनाओं और सामाजिक सरोकारों की सशक्त अभिव्यक्ति दिखाई देती है।
चीफ प्रॉक्टर डॉ सरला चक्रवर्ती ने कहा कि डॉ. शंखधार की रचनात्मकता उनकी सहज भाषा और प्रभावशाली भावाभिव्यक्ति में दिखाई देती है। उनकी कविताएँ जीवन, समाज और मानवीय रिश्तों के अनेक पक्षों को स्पर्श करती हैं। उन्होंने कहा कि साहित्यिक व्यक्तित्व के अमृत महोत्सव जैसे आयोजन नई पीढ़ी को साहित्यकारों के रचनात्मक योगदान से परिचित कराने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर इंदु शर्मा ने कहा कि साहित्य समाज को संवेदनशील बनाने और नई पीढ़ी को जीवन-मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उनका साहित्य पाठकों को सोचने, संवेदनशील बनने और सामाजिक मूल्यों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने डॉ. शंखधार के साहित्यिक योगदान की सराहना करते हुए उनके स्वस्थ एवं दीर्घ साहित्यिक जीवन की कामना की।
कार्यक्रम में महाविद्यालय की शिक्षिकाओं एवं छात्राओं ने डॉ. उर्मिलेश शंखधार कविताओं का सस्वर वाचन किया। साथ ही उनके साहित्यिक अवदानों पर साहित्यिक परिचर्चा भी हुई।कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ निशा साहू द्वारा किया गया। छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में सभी शिक्षिकाओं एवं छात्राओं का आभार व्यक्त किया गया।
Budaun Amarprabhat