बदायूं। मोहल्ला चहामीर स्थित स्वर्णकार रस्तोगी धर्मशाला में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दूसरे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। कथा व्यास आचार्य श्याम मिलन शास्त्री ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण की अलौकिक गोवर्धन लीला का भावपूर्ण रसपान कराया। इस दौरान सजी गोवर्धन महाराज की भव्य झांकी की भक्तों ने श्रद्धाभाव से परिक्रमा की और भगवान को छप्पन भोग अर्पित किया।
कथा व्यास ने कहा कि शास्त्रों में गोवर्धन पूजा का अत्यंत विशेष महत्व है। जो भक्त निस्वार्थ भाव से गोवर्धन महाराज की आराधना और परिक्रमा करते हैं, उनके समस्त संकट स्वतः दूर हो जाते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवर्धन पूजा धार्मिक के साथ-साथ प्राकृतिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है। द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने देवराज इंद्र का अहंकार समाप्त करने और ब्रजवासियों की रक्षा के लिए कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत धारण किया था। यह प्रसंग हमें प्रकृति, पर्वत और वृक्षों के संरक्षण की प्रेरणा देता है, क्योंकि इन्हीं से हमें शुद्ध वायु, जल और अन्न मिलता है।
कथा के दौरान “तेरे सब संकट कट जाएं तू पूजा कर गोवर्धन की…” जैसे भजनों पर श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। कथा के उपरांत विधि-विधान से आरती उतारी गई और प्रसाद वितरित हुआ। मुख्य यजमान रीतेश रस्तोगी सपरिवार रहे। इस धार्मिक अनुष्ठान में विजय रस्तोगी, रीतु रस्तोगी, सरिता रस्तोगी, सजल रस्तोगी, सुनील रस्तोगी, अजय रस्तोगी और मनोज रस्तोगी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat