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बदायूं। प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देश पर अपराधियों को त्वरित सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ अभियान के तहत बदायूं पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पर्यवेक्षण व अभियोजन विभाग की प्रभावी पैरवी के चलते गैंगस्टर एक्ट न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में दो अभियुक्तों को 2-2 वर्ष के सश्रम कारावास और 5-5 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है।
पहला मामला: अवनेश उर्फ टिंकू को सजा
थाना उघैती में वर्ष 2015 में पंजीकृत मु0अ0सं0 248/2015 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट के तहत अभियुक्त अवनेश उर्फ टिंकू पुत्र रामबाबू (निवासी मोहल्ला बमनपुरी, कस्बा रुदायन, थाना इस्लामनगर, बदायूं) के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया था। इस मामले की विवेचना बिल्सी थाने के निरीक्षक प्रमोद कुमार ने पूरी की थी।
थाना उघैती के ही दूसरे मामले (मु0अ0सं0 298/2015 धारा 2/3 गैंगस्टर एक्ट) में अभियुक्त हरकिशन पुत्र भूप सिंह (निवासी मोहल्ला ढकियानरु, थाना बिलारी, जनपद मुरादाबाद) के विरुद्ध तत्कालीन थानाध्यक्ष बिल्सी नरेंद्र सिंह यादव ने आरोप पत्र प्रेषित किया था।
पुलिस व अभियोजन की सशक्त पैरवी रंग लाई
दोनों मामलों को ‘ऑपरेशन कन्विक्शन’ के तहत चिन्हित कर जिला मॉनीटरिंग सेल और थाना उघैती के पैरोकार कांस्टेबल रोहित द्वारा अदालत में लगातार समयबद्ध व मजबूत पैरवी कराई गई। विशेष लोक अभियोजक दिलीप कुमार के तर्कों व पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने दोनों अभियुक्तों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर दोषियों को अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इस प्रभावी पैरवी में पैरोकार कांस्टेबल रोहित, विशेष लोक अभियोजक दिलीप कुमार तथा विवेचकों का योगदान रहा।
Budaun Amarprabhat