कोर्ट के आदेश पर वजीरगंज पुलिस ने दर्ज की एफआईआर, उपनिरीक्षक को सौंपी गई जांच
बदायूं। वजीरगंज कस्बे में निवेश की रकम तीन गुना करने का झांसा देकर धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। न्यायालय के आदेश पर पुलिस ने एक कथित झोलाछाप डॉक्टर समेत चार लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
कस्बे के वार्ड संख्या 11 निवासी नरेंद्रपाल ने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 में मुवीन, उसके भाई नईम और उनके रिश्तेदार आकिल ने आईसीआई कंपनी में पांच साल में रकम तीन गुना होने की बात कहकर उनसे 50 हजार रुपये निवेश कराए थे। वर्ष 2020 में अवधि पूरी होने पर रकम को अगले पांच साल के लिए दोबारा जमा कराने की बात कही गई।
शिकायतकर्ता के अनुसार, अवधि पूरी होने पर जब उन्होंने 4.5 लाख रुपये मांगे, तो कथित तौर पर उनके पहचान पत्रों में नाम बदलकर मैच्योरिटी की रकम मुवीन के खाते में स्थानांतरित करा दी गई। आरोप है कि 6 अक्टूबर 2026 को रुपये मांगने दुकान पर पहुंचने पर उनके साथ मारपीट की गई और कैंची से हमला करने की कोशिश करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई।
पुलिस स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए नरेंद्रपाल ने न्यायालय का रुख किया। न्यायालय के आदेश के बाद वजीरगंज थाना पुलिस ने मुवीन, नईम, आकिल और संबंधित कंपनी के कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच उपनिरीक्षक पवन कुमार भारद्वाज को सौंपी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
Budaun Amarprabhat