संवाददाता: गोविंद देवल
बदायूं। जस्ट राइट फॉर चिल्ड्रन एलायंस के सहयोग से एक्सेस टू जस्टिस (न्याय तक पहुंच) कार्यक्रम के अंतर्गत काशी समाज शिक्षा विकास संस्थान, बदायूं द्वारा संचालित 100 दिवसीय विशेष कार्यक्रम “बाल विवाह मुक्त भारत” के तहत गायत्री देवी इंटर कॉलेज, उसहैत में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में बताया गया कि बाल विवाह एक गैरकानूनी कृत्य है, जिस पर रोक लगाने के लिए सरकार द्वारा बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 लागू किया गया है। इस अधिनियम के तहत बाल विवाह करने एवं कराने वालों के लिए एक लाख रुपये जुर्माना और दो वर्ष की सजा का प्रावधान है।
कम्युनिटी सोशल वर्कर अनिल कुमार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं विद्यालय स्टाफ को जनपद बदायूं के पांच विकास खंडों की 50 ग्राम पंचायतों में चलाए जा रहे बाल विवाह, बाल श्रम, बाल यौन शोषण एवं बाल तस्करी विरोधी जागरूकता कार्यक्रमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि विवाह के समय लड़की की न्यूनतम आयु 18 वर्ष तथा लड़के की आयु 21 वर्ष निर्धारित है।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यदि आसपास कहीं बाल विवाह हो रहा हो, तो उसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 अथवा पुलिस हेल्पलाइन 112 पर दी जा सकती है, जिसमें सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाती है।
कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी गई। अंत में कार्यक्रम में उपस्थित 655 बच्चों को बाल विवाह न करने और अपने आसपास इसे न होने देने की शपथ दिलाई गई।
इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य सहित समस्त शिक्षक एवं स्टाफ मौजूद रहा।
Budaun Amarprabhat