पीलीभीत के आकांक्षी ब्लॉक क्षेत्र में गुरुवार को छह सदस्यीय प्रदेश स्तरीय टीम ने विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं का सघन निरीक्षण किया। टीम ने गांव गुलरिया भूपसिंह और पिपरिया दुलई में स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायत स्तर की व्यवस्थाओं का गहन मूल्यांकन किया।
निरीक्षण के दौरान टीम ने दोनों गांवों में आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम और विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों से सीधी बातचीत की। इसके बाद कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पंचायत भवन और परिषदीय विद्यालयों का दौरा किया गया। यहां शैक्षणिक व्यवस्थाओं, साफ-सफाई और अभिलेखों की जांच की गई, जिसमें नामांकन, उपस्थिति और शिक्षण गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया गया।
टीम ने अपने अगले चरण में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पूरनपुर का दौरा किया। ओपीडी, भर्ती वार्ड, प्रसव कक्ष, कोल्ड चेन रूम और टीकाकरण इकाई (एमसीबी) सहित अन्य स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की गई। प्रसूताओं और भर्ती मरीजों से बातचीत कर स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति जानी गई। आयुष्मान भारत योजना के क्रियान्वयन और अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था का भी आकलन किया गया।
टीम ने एमओआईसी डॉ. मनीष राज शर्मा से चिकित्सीय सुविधाओं, स्टाफ की उपलब्धता और अभिलेखों के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान टीकाकरण कार्ड में खामियां पाई गईं, जिस पर संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए।
इस अवसर पर सभासद नादिर रजा बरकती ने डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को हो रही दिक्कतों से टीम को अवगत कराया। वहीं, अधिवक्ता त्रिभुवन पांडे ने इमरजेंसी वार्ड के मुख्य गेट के छोटे होने की समस्या उठाई, जिससे एंबुलेंस के आवागमन में बाधा आती है और जाम की स्थिति बनती है।
निरीक्षण में यूनीसेफ स्टेट टीम के डॉ. सत्यवीर, शोध अधिकारी डॉ. शान्तनु व्यास और राजेश बाबू सहित अन्य अधिकारी भी मौजूद थे। यह वर्ष का अंतिम निरीक्षण था, जिसका उद्देश्य टीकाकरण और स्वास्थ्य योजनाओं की प्रगति का आकलन करना था। टीम ने कहा कि चिन्हित कमियों को शीघ्र दूर किया जाएगा और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।
Budaun Amarprabhat