निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ गरजे युवा व्यापारी; किताबों-कॉपियों में 50% कमीशनखोरी का आरोप
चंदौसी। नगर के निजी स्कूलों द्वारा किताबों, कॉपियों और ड्रेस के नाम पर की जा रही खुली लूट के विरोध में गुरुवार को अखिल भारतीय युवा उद्योग व्यापार मंडल ने हुंकार भरी। नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय ‘अन्नू’ के नेतृत्व में युवा व्यापारियों ने प्रदर्शन का एक बिल्कुल अनोखा तरीका अपनाया। व्यापारियों ने प्रतीकात्मक रूप से किताबों और कॉपियों को तराजू के एक पलड़े में रखा और दूसरे पलड़े में रुपये रखकर उन्हें तौला। इस प्रदर्शन के जरिए यह संदेश दिया गया कि निजी स्कूल और बुक सेलर्स मिलीभगत कर शिक्षा को “सोने के भाव” बेच रहे हैं।
कमीशनखोरी का खेल: 10 की कॉपी 200 रुपये में!
प्रदर्शन के दौरान नगर अध्यक्ष अनुज वार्ष्णेय अन्नू ने स्कूल संचालकों और बुक सेलर्स के गठजोड़ पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष जिलाधिकारी द्वारा जुर्माना लगाए जाने के बावजूद स्कूल संचालकों के हौसले बुलंद हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि:
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बाजार में 40 से 50 प्रतिशत तक की कमीशनखोरी चल रही है।
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अधिकांश स्कूलों ने जानबूझकर NCERT की किताबों को दरकिनार कर दिया है।
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मनमानी का आलम यह है कि जो कॉपी बाजार में 10 रुपये की मिलनी चाहिए, उसे विशेष दुकानों पर 200 रुपये तक में बेचा जा रहा है।
अभिभावकों पर ‘निर्धारित दुकान’ का दबाव
नगर महामंत्री शुभम अग्रवाल ने कहा कि स्कूलों द्वारा अभिभावकों को किसी खास दुकान से ही कोर्स और ड्रेस खरीदने के लिए मजबूर करना पूरी तरह अनुचित है। कुछ स्कूल तो अपनी खुद की कॉपियां छपवाकर ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं, जिससे न केवल अभिभावकों का आर्थिक शोषण हो रहा है, बल्कि स्थानीय छोटे व्यापारियों का व्यापार भी चौपट हो रहा है।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
युवा व्यापारियों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि इस लूट को तत्काल नहीं रोका गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। व्यापारियों ने मांग की कि प्रशासन निजी स्कूलों के स्टॉक और रेट की जांच करे ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
प्रदर्शन में ये रहे मौजूद: इस दौरान मयंक वार्ष्णेय चिंकल, अमित वार्ष्णेय, हर्षित गौड़, अंशुल वार्ष्णेय, गोविन्द वार्ष्णेय, आशीष गुप्ता सहित बड़ी संख्या में युवा व्यापारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
Budaun Amarprabhat