लोकसभा में आज पेश होंगे तीन बड़े विधेयक, सत्ता-पक्ष तैयार तो विपक्ष ने भी कसी कमर
संवाददाता: गोविंद देवल
नई दिल्ली। संसद के विस्तारित सत्र का आज पहला दिन बेहद अहम रहने वाला है। केंद्र सरकार आज लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े बड़े विधेयक पेश करने जा रही है, जिससे देश की राजनीति में बड़ा बदलाव संभव माना जा रहा है। वहीं, इन प्रस्तावों को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच तीखी टकराहट के आसार भी साफ नजर आ रहे हैं।
सरकार की ओर से संविधान (131वां) संशोधन विधेयक-2026 के जरिए लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं की सीटों में बढ़ोतरी का रास्ता तैयार किया जाएगा। इसी के साथ महिला आरक्षण को भी लागू करने की दिशा में अहम कदम उठाया जाएगा। इसके अलावा परिसीमन विधेयक-2026 और केंद्रशासित क्षेत्र कानून (संशोधन) विधेयक-2026 भी सदन में पेश किए जाएंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही महिला आरक्षण को बड़ा मुद्दा बना चुके हैं, ऐसे में विपक्ष इस पर खुलकर विरोध की स्थिति में नहीं है। हालांकि, परिसीमन को लेकर कांग्रेस समेत कई विपक्षी दल सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल चुके हैं।
राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के नेतृत्व में विपक्षी दल आज रणनीति बनाने के लिए बैठक करेंगे। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव भी अपने सांसदों के साथ अलग से बैठक कर आगे की रणनीति तय करेंगे।
दक्षिण भारत के राज्यों ने नए परिसीमन को लेकर आशंका जताई है कि जनसंख्या नियंत्रण में बेहतर प्रदर्शन के बावजूद उनकी लोकसभा सीटें घट सकती हैं। हालांकि सरकार ने इन आशंकाओं को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि सभी राज्यों में सीटों की संख्या में समान रूप से 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की जाएगी और किसी भी राज्य की सीट कम नहीं होगी।
सरकार का तर्क है कि 1976 के बाद से लोकसभा सीटों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है, ऐसे में नया परिसीमन समय की जरूरत है। यह प्रक्रिया 2011 की जनगणना के आधार पर पूरी की जाएगी और प्रत्येक राज्य के लिए अलग परिसीमन आयोग गठित किया जाएगा, जो सभी दलों से चर्चा के बाद अंतिम निर्णय लेगा।
संसद का विस्तारित सत्र शेड्यूल
16 अप्रैल: लोकसभा में तीनों विधेयकों पर चर्चा, 18 घंटे निर्धारित
17 अप्रैल: लोकसभा में मतदान
18 अप्रैल: राज्यसभा में पेश, 10 घंटे चर्चा के बाद मतदान
आज का दिन संसद में राजनीतिक दिशा तय करने वाला साबित हो सकता है, जहां महिला आरक्षण पर सहमति के बीच परिसीमन का मुद्दा सियासी घमासान को और तेज कर सकता है।
Budaun Amarprabhat