पैनकार्ड और पासपोर्ट मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण आदेश
अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले में शिकायतकर्ता पूर्व नवाब काजिम अली खां को भी सुना जाए

राहुल मौर्य
रामपुर। आजम खान और अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने पैनकार्ड और पासपोर्ट मामले में सजा बढ़ाने की अपील पर सुनवाई के दौरान महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया है कि इस मामले में शिकायतकर्ता पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां को भी सुना जाए।
दरअसल, राज्य सरकार ने निचली अदालत द्वारा सुनाई गई सजा को बढ़ाने के लिए अपील दाखिल की है। इसी अपील में शिकायतकर्ता नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने भी पक्षकार बनाए जाने की मांग की थी। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था। इसके बाद नवाब काजिम अली ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का रुख किया।
हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान आजम खान और अब्दुल्ला आजम के वकीलों ने नवाब काजिम अली की याचिका पर सवाल उठाते हुए उसे खारिज करने की मांग की। उन्होंने दलील दी कि शिकायतकर्ता को इस अपील में पक्षकार बनाए जाने का कोई औचित्य नहीं है, लेकिन हाईकोर्ट ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और नवाब काज़िम अली खां की ओर से अधिवक्ता विजय विक्रम सिंह की दलीलें सुनकर हाईकोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को पलटते हुए स्पष्ट किया कि शिकायतकर्ता को भी अपना पक्ष रखने का अधिकार है। हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सजा बढ़ाने की अपील जैसे मामलों में शिकायतकर्ता की बात भी सुनी जानी चाहिए, क्योंकि वह मामले का महत्वपूर्ण पक्ष होता है. अदालत ने ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया कि वह नवाब काजिम अली खां को सुनवाई का अवसर दे और उसके बाद ही आगे की कार्रवाई करे।
Budaun Amarprabhat