1857 के शहीदों को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच ने दी श्रद्धांजलि
खान बहादुर मीर मोहम्मद हसन की पुश्तैनी हवेली में हुआ कार्यक्रम, शहीदों के वंशजों का किया सम्मान
संवाददाता : अबीर सक्सेना
सहसवान। 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए सेनानियों को बुधवार को मुस्लिम राष्ट्रीय मंच की ओर से भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम मोहल्ला काजी स्थित प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के नायक खान बहादुर मीर मोहम्मद हसन साहब के पैतृक आवास पर आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उनके छोटे भाई शहीद कप्तान मीर सैय्यद फिदा हुसैन साहब की दरगाह पर दीप प्रज्ज्वलित किए गए। वक्ताओं ने कहा कि 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में दोनों भाइयों ने अदम्य साहस और देशभक्ति का परिचय दिया। बताया गया कि बेगम हजरत महल द्वारा गठित विशेष सेना में कप्तान मीर फिदा हुसैन महत्वपूर्ण भूमिका में थे।
वक्ताओं ने कहा कि अंग्रेजों के हमले के दौरान मीर फिदा हुसैन अपने साथियों के साथ लड़ते हुए शहीद हो गए थे। उनके साथ संघर्ष करने वाले कई देशभक्तों को अंग्रेजों ने फांसी दी, जबकि कुछ को काला पानी की सजा सुनाई गई थी।
इस अवसर पर मीर मोहम्मद हसन के वंशज मीर मुशर्रफ अली एडवोकेट, शहीद ओमकार बक्काल के वंशज विधान माहेश्वरी तथा काला पानी की सजा पाने वाले मौलवी विलायत हुसैन के वंशज फखरे आलम को फूलमालाएं पहनाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता विजय बाबू अग्रवाल ने की। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक दयासिंधु शंखधार रहे, जबकि मुख्य वक्ता तुषार कांत एवं भाजपा जिला उपाध्यक्ष अनुज माहेश्वरी ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन मुहम्मद कमर चौधरी ने किया।
इस दौरान सलमान हैदर नकवी, आदर्श सक्सेना, सुभाष गौड़, आसिफ अली, अवधर शर्मा, सचिन शर्मा, डॉ. हेकल नकवी, डॉ. सरताज नकवी, परवेज अख्तर, डॉ. रहमत अली, मजाहिर अली सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat