संवाददाता आई एम खान
बिसौली। ग्राम बंजरिया स्थित आदि शक्ति माता काली शिव मंदिर में आयोजित श्रीराम महायज्ञ के द्वितीय दिवस पर श्रद्धा, आस्था और सनातन परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। मध्य प्रदेश के सतना से पधारे विद्वान यज्ञाचार्य पंडित राधेश्याम शास्त्री जी महाराज के सान्निध्य में वैदिक विधि विधान के साथ महायज्ञ की दिव्य अनुष्ठानिक प्रक्रियाएं संपन्न कराई गईं।
श्रीराम यज्ञ का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सभी देवी देवताओं के विधिवत आवाहन से हुआ। इसके उपरांत प्राचीन वैदिक परंपरा के अनुसार अरणी मंथन द्वारा यज्ञाग्नि प्रज्ज्वलित की गई और उस पवित्र अग्नि को प्रधान यज्ञकुंड में स्थापित किया गया। इस दिव्य एवं दुर्लभ धार्मिक अनुष्ठान को देखकर उपस्थित श्रद्धालु भाव विभोर हो उठे। महायज्ञ के दौरान दूर दूर से पहुंचे श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक यज्ञपुरुष भगवान की प्रतिमा के दर्शन कर पूजा अर्चना की तथा धर्म लाभ प्राप्त किया। पूरे मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रों, हवन की सुगंध और जयघोष से वातावरण पूर्णतः भक्तिमय बना रहा। महायज्ञ में यजमान वीरेंद्र सिंह यादव, श्रीनिवास शर्मा, अनुपम गुप्ता, डॉ. अजय पाल यादव, अमित अग्रवाल, कौशल शर्मा सहित सभी यजमानों की पत्नियों सहित एवं मानव ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञकुंड में आहुतियां अर्पित कर परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति एवं लोककल्याण की कामना की। श्रद्धालुओं ने कहा कि ऐसे वैदिक महायज्ञ भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा को सशक्त बनाने के साथ-साथ समाज में धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं। महायज्ञ में क्षेत्र सहित दूर दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही।
Budaun Amarprabhat