विद्यार्थियों ने तर्कशक्ति और निर्णय लेने की क्षमता का किया प्रदर्शन, निदेशिका ने बताया जीवन का महत्वपूर्ण कौशल
बदायूँ। स्थानीय मदर एथीना स्कूल में ‘अंतर्राष्ट्रीय शतरंज दिवस’ हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए एक विशेष शतरंज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें नन्हे खिलाड़ियों ने अपनी बौद्धिक क्षमता और रणनीतिक सोच का बेहतरीन प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के दौरान विद्यालय प्रांगण में रोमांचक माहौल देखने को मिला। शतरंज की बिसात पर विद्यार्थियों ने राजा, वजीर और घोड़ों की चालों के जरिए अपने प्रतिद्वंद्वियों को मात देने का प्रयास किया। हर एक चाल के साथ बच्चों का उत्साह और एकाग्रता देखते ही बन रही थी। इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य छोटे बच्चों में तर्कशक्ति, निर्णय लेने की क्षमता और विषम परिस्थितियों में सही रणनीति बनाने के कौशल का विकास करना था।
इस अवसर पर विद्यालय की निदेशिका चयनिका सारस्वत ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि शतरंज केवल एक खेल मात्र नहीं है, बल्कि यह जीवन की चुनौतियों से निपटने की कला सिखाता है। उन्होंने कहा शतरंज हमें सिखाता है कि सही समय पर सही निर्णय लेना कितना महत्वपूर्ण है। ऐसे आयोजनों से बच्चों के मानसिक और सर्वांगीण विकास को नई दिशा मिलती है।
प्रतियोगिता में शामिल सभी प्रतिभागियों ने पूरी गंभीरता और खेल भावना के साथ हिस्सा लिया, जिससे स्कूल में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का वातावरण बना रहा।
Budaun Amarprabhat