बदायूँ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार अपराधियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत बदायूँ पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बदायूँ के पर्यवेक्षण में पुलिस व अभियोजन पक्ष की सशक्त पैरवी के चलते अदालत ने अवैध शस्त्र के 28 वर्ष पुराने मामले में एक अभियुक्त को दोषसिद्ध करार देते हुए सजा सुनाई है।
मामला थाना सिविल लाइन का है, जहाँ वर्ष 1998 में अभियुक्त प्रेम पुत्र कल्लू कवडिया निवासी ग्राम धनपुरा, थाना कादरचौक, जनपद बदायूँ के खिलाफ धारा 4/25 आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा अपराध संख्या 447/98 दर्ज हुआ था। तत्कालीन उपनिरीक्षक दिनेश दुबे द्वारा विवेचना पूर्ण कर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था।
डीजीपी द्वारा चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ के तहत इस पुराने मामले को चिन्हित किया गया। इसके बाद अभियोजन विभाग से समन्वय स्थापित कर मॉनीटरिंग सेल जनपद बदायूँ, अभियोजक पीओ कौशलेन्द्र तथा थाना सिविल लाइन के पैरोकार कांस्टेबल नितिन मुकेश द्वारा अदालत में मजबूती से पैरवी की गई।
गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर सीजे जेडी एफटीसी/सीएडब्लू कोर्ट, बदायूँ ने अभियुक्त प्रेम को धारा 4/25 आर्म्स एक्ट का दोषी पाया। अदालत ने अभियुक्त को पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि की सजा और 2000 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न चुकाने पर 15 दिन के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान किया गया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी से मिले इस फैसले की सराहना की जा रही है।
Budaun Amarprabhat