क्यूएस एशिया रैंकिंग-2027 में
तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी 1401-1500 के वैश्विक रैंक बैंड में शामिल, कुलाधिपति सुरेश जैन बोले, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, शोध और सामूहिक प्रयासों का प्रतिफल
मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद ने अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक जगत में एक और अति महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। यूनिवर्सिटी को प्रतिष्ठित क्यूएस वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्सः एशिया-2027 में 1401-1500 के वैश्विक रैंक बैंड में स्थान मिला है। दक्षिण एशिया क्षेत्र में टीएमयू ने 452वां स्थान हासिल कर अपनी अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक उपस्थिति को और मजबूत किया है। यह उपलब्धि यूनिवर्सिटी की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान, नवाचार, अंतर्राष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग और संस्थागत विकास के लिए किए जा रहे निरंतर प्रयासों का परिणाम है। इस उपलब्धि पर कुलाधिपति श्री सुरेश जैन, जीवीसी श्री मनीष जैन और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर श्री अक्षत जैन ने कहा, अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग में टीएमयू की यह बड़ी उपलब्धि यूनिवर्सिटी परिवार के सामूहिक परिश्रम, समर्पण और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की प्रतिबद्धता का प्रतिफल है। हमारा उद्देश्य केवल स्टुडेंट्स को डिग्री प्रदान करना नहीं, बल्कि उन्हें ज्ञान, कौशल, अनुसंधान और नवाचार के जरिए वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाना है। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मिली यह पहचान हमें अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता और शोध संस्कृति को और अधिक सुदृढ़ करने की प्रेरणा देगी।
कुलपति प्रो. वीके जैन ने कहा, स्टुडेंट्स और एल्युमिनाई की शैक्षणिक उपलब्धियां, शोध कार्य, पेशेवर सफलताएं और संस्थान के साथ उनका निरंतर जुड़ाव भी यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा को मजबूत करने में सहायक है। उल्लेखनीय है, टीएमयू इससे पहले भी अंतर्राष्ट्रीय रैंकिंग और मूल्यांकन में अपनी उपस्थिति दर्ज करा चुका है। टीएमयू को टाइम्स हायर एजुकेशन-टीएचई, वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स-2027 में 1801-2000 के वैश्विक रैंक बैंड, जबकि टीएचई इम्पैक्ट रैंकिंग्स-2026 में 401-600 के वैश्विक रैंक बैंड में स्थान प्राप्त कर चुकी है। इसके अलावा वर्ष 2025-26 के लिए प्रतिष्ठित क्यूएस आई-गेज इंस्टीट्यूशन ऑफ हैप्पीनेस अवार्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है।
क्यूएस एशिया यूनिवर्सिटी रैंकिंग में यूनिवर्सिटीज़ का मूल्यांकन 11 प्रमुख मानकों और उनके निर्धारित वेटेज के आधार पर किया जाता है। इनमें अकादमिक प्रतिष्ठा को सर्वाधिक वेटेज दिया जाता है। इसके साथ ही नियोक्ताओं के बीच प्रतिष्ठा, शोध गुणवत्ता के अंतर्गत प्रति शोध पत्र उद्धरण, प्रति फैकल्टी शोध पत्रों की संख्या, अंतर्राष्ट्रीय शोध नेटवर्क, फैकल्टी- स्टुडेंट अनुपात, पीएचडी शिक्षकों का अनुपात, अंतर्राष्ट्रीय फैकल्टी, अंतर्राष्ट्रीय स्टुडेंट्स आदि भी वेटेज में शामिल हैं। इसी प्रकार क्यूएस रैंकिंग में यूनिवर्सिटी की अकादमिक प्रतिष्ठा के साथ शिक्षण गुणवत्ता, शोध का प्रभाव, रोजगारपरकता, अंतर्राष्ट्रीय सहभागिता और स्टुडेंट्स को उपलब्ध शैक्षणिक वातावरण का भी आकलन किया जाता है।
Budaun Amarprabhat