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टीएमयू में मेडिकल स्टुडेंट्स बोले, नशे को कहें ना, जीवन को कहें हां

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तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के एमबीबीएस स्टुडेंट्स ने ली नशामुक्ति की शपथ, ग्राम समाथल में नारों, नुक्कड नाटक, बैनर, पोस्टर के जरिए दिया स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश

मुरादाबाद। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर की ओर से नशा मुक्त भारत अभियान-2026 के तहत मेडिकल इंटर्न्स ने अस्पताल परिसर में जागरूकता अभियान के तहत मरीजों और उनके तीमारदारों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एनके सिंह ने मरीजों से रूबरू होते हुए कहा, नशीले पदार्थों का सेवन व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डालता है। तंबाकू और धूम्रपान से मुंह, फेफड़ों आदि अंगों के कैंसर और हृदय और श्वसन संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ता है। शराब का अत्यधिक सेवन लिवर, हृदय और मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है। मेडिकल कॉलेज के संग-संग ग्राम समाथल में हुए नुक्कड़ नाटकों में मेडिकल इंटर्न्स- डॉ. मुस्कान चौहान, डॉ. नंदिनी सिंह, डॉ. खुशी गर्ग, डॉ. येनेन्द्र सिंह, डॉ. क्षितिज प्रताप सिंह, डॉ. मिलिंद गोयल ने बताया, नशे की लत केवल व्यक्ति तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसका प्रभाव पूरे परिवार पर पड़ता है। नशे पर बढ़ता खर्च, घरेलू तनाव, आर्थिक परेशानियां और पारिवारिक संबंधों में दूरी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। नशे की अवस्था में वाहन चलाना दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ाता है। इसलिए समय रहते जागरूकता, परिवार का सहयोग और आवश्यकता पड़ने पर विशेषज्ञों की मदद लेना बेहद जरूरी है।

एमबीबीएस स्टुडेंट्स ने नशा मुक्ति की शपथ लेते हुए सभी प्रकार के नशीले पदार्थों से दूर रहने, स्वयं स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और समाज में नशामुक्ति का संदेश दिया। इस मौके पर कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की एचओडी प्रो. साधना सिंह और नशा मुक्त भारत अभियान के नोडल अधिकारी एवम् फॉरेंसिक मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. प्रमोद डोडे की उल्लेखनीय मौजूदगी रही। केन्द्र सरकार के सामाजिक न्याय एवम् अधिकारिता मंत्रालय की नशा मुक्ति पहल के छह वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर यूनिवर्सिटी नशामुक्त शैक्षणिक वातावरण विकसित करने और नशामुक्त भारत के राष्ट्रीय संकल्प में योगदान देने के लिए प्रयासरत है। कार्यक्रम में फॉरेन्सिक मेडिसन विभाग के डॉ. आमिर शेख, डॉ. रितु पर्णा जाना, डॉ. हर्ष सिंह, कम्युनिटी मेडिसन विभाग के डॉ. शिल्पा रेड्डी, डॉ. रमेश जे. कुमार, डॉ. समरा नाज़, डॉ. मो. कामरान आदि मौजूद रहे। उल्लेखनीय है, 31 अक्टूबर को मेडिकल कॉलेज की फैकल्टीज़ नशामुक्त परिसर बनाए रखने की शपथ लेंगे। नशे को कहें ना, जीवन को कहें हां, स्वस्थ युवा, सशक्त परिवार और नशामुक्त भारत ही हमारा संकल्प है।


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