बिसौली। आदि माता काली शक्ति पीठ, शिव मंदिर प्रांगण में चल रहे पंचकुंडीय श्री लक्ष्मी नारायण महायज्ञ के पंचम दिवस पर वातावरण पूर्णतः भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक भावों से ओतप्रोत रहा। संत कुंज आश्रम, सतना (म.प्र.) से पधारे पूज्य श्री श्री 1008 राधेश्याम महाराज जी के सान्निध्य में वेद मंत्रों की दिव्यता से यज्ञशाला गुंजायमान हो उठी।
पूज्य आचार्य राधेश्याम शास्त्री जी ने श्रद्धालुओं को सनातन धर्म की महत्ता बताते हुए कहा कि प्रभु सेवा, यज्ञ एवं शुभ कर्मों से ही धर्म की रक्षा संभव है। मंत्रोच्चार, घृत आहुतियों की सुगंध और जय श्रीराम के घोष से संपूर्ण परिसर भक्तिरस में डूब गया।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने यज्ञपुरुष की परिक्रमा कर पुण्य लाभ प्राप्त किया। प्रमुख यजमान वीरेंद्र बाबूजी, अमित अग्रवाल, हरपाल, रजनीश पाठक, गजेंद्र यादव जिला पंचायत सदस्य, महेंद्र प्रताप जि.प.स.मनोज यादव, मुकेश शंखधार,मनु यादव, राजा यादव, संदीप, संजीव, हरपाल एवं अन्य श्रद्धालुगण मौजूद रहे।
Budaun Amarprabhat